अमलेश्वर। दुर्ग में जिला स्तरीय परंपरागत वैद्य सम्मेलन समारोह का आयोजन दुर्ग वनमंडल अंतर्गत सभागार कक्ष में आयोजित किया गया। कार्यक्रम मे वन मंडलाधिकारी दुर्ग एवं उपस्थित समस्त वैद्य जनों के द्वारा दीप प्रज्वलित करके उद्बोधन के साथ दुरस्थ ग्रामो से आए प्रबुद्ध जनों के परिचय के साथ शुभारंभ किया गया। छत्तीसगढ़ शासन औषधि पादप बोर्ड रायपुर से आए अधिकारी के द्वारा परंपरागत वैद्य के संबंध में सरकार के द्वारा उठाए जा रहे कदम एवं प्रयासों के बारे में जानकारी दिया गया उक्त सम्मेलन में आए वैद्य जनों के द्वारा नाड़ी के माध्यम से रोगों का पता लगाकर वन औषधि के माध्यम से उनका इलाज किया जाता है तथा वरिष्ठ वैद्य के द्वारा बताया गया कि महिला एवं पुरुष में होने वाले समस्त प्रकार के रोगों का इलाज वन औषधि के माध्यम से किया जाना संभव हैं बताया गया , इसी के साथ ही अलग अलग बीमारियों को ठीक करने का सफल देशी चिकित्सा करने का उपाय बताने के साथ ही कीड़े मकोड़े व जहरीले बिच्छू के काटने पर भी सफल देशी चिकित्सा करने का उपाय बताया गया , एक वैद्य के द्वारा कैंसर जैसे ख़तरनाक बीमारियों को भी वन औषधियों से ठीक करने का दावा किया गया ,उक्त कार्यक्रम में लगभग 50 वैद्यगण सम्मिलित हुए जो दुर्ग जिला के अलग अलग ब्लाक से पहुंचे हुये थे । कार्यक्रम के समापन में उप वनमंडल अधिकारी बेमेतरा के द्वारा समस्त वैद्यगणो को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सभी का आभार प्रदर्शन किया गया जिला स्तरीय सम्मेलन में वन मंडल कार्यालय दुर्ग के अधिकारी कर्मचारी गण उपस्थित रहे।
पाटन ब्लाक से हेमंत यादव ,राजेश साहू,रणजीत साहू , संतोष पटेल ,हिमांचल साहू ,बलराम सिंहा व अमलेशवर से ,अश्वनी साहू सम्मिलित हुए ,इसी के साथ ही कार्यक्रम में दुर्ग,भिलाई ,बोरसी ,उतई ,देवसरा के वैद्यगण भी शामिल रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के लिए वन मंडल दुर्ग द्वारा खाने पीने की उत्तम व्यवस्था किये गये थे ।





