सेवा सेतु शिविर में शिकायतों का हो रहा
निराकरण, कलेक्टर ने किया निरीक्षण
अमलेश्वर। पाटन। जनपद पंचायत पाटन एवं नगर पंचायत पाटन के तत्वावधान में सेवा सेतु अभियान के तहत शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े हितग्राहियों को जानकारी देने के साथ उनकी समस्याओं एवं शिकायतों को लेकर आवेदन प्राप्त किए गए।
शिविर में राशन कार्ड में त्रुटि सुधार, नए राशन कार्ड, बिजली से संबंधित शिकायतें, एग्रीस्टैक सहित विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों के आवेदन प्राप्त किए गए। इनमें से कुछ आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सेवा सेतु शिविर में दुर्ग संभाग आयुक्त एवं दुर्ग कलेक्टर भी पहुंचे। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों से हितग्राहियों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत पाटन की अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक, नगर पंचायत पाटन के अध्यक्ष योगेश निक्की भले सहित जनप्रतिनिधि, एसडीएम, तहसीलदार, एसडीओ, सीएमओ एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
मीडिया से चर्चा के दौरान दुर्ग कलेक्टर ने कहा कि सेवा संकल्प सेतु अभियान के माध्यम से लोगों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी और सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने लोगों से सेवा संकल्प के तहत सामाजिक हित में अपनी भागीदारी निभाने की अपील भी की।
खारून नदी बाढ़ प्रभावितों के सर्वे और मुआवजे की बात
खारून नदी में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों के संबंध में पूछे गए सवाल पर कलेक्टर ने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराकर नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की बात कही। बाढ़ से प्रभावित परिवारों की स्थिति का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई।
अमलेश्वर में बाढ़ प्रभावितों से कथित दुर्व्यवहार का मामला भी उठा
इस दौरान मीडिया द्वारा नगर पालिका परिषद अमलेश्वर में बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ कथित दुर्व्यवहार और उन्हें भवन से हटाने के प्रयास से जुड़े मामले को भी कलेक्टर के सामने रखा गया। इस पर कलेक्टर ने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही।
बताया गया कि बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने इस संबंध में एसडीएम के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार पाटन को सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ के दौरान प्रभावित परिवारों को जिस भवन में आश्रय मिला था, वहां से उन्हें हटाने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।







