रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गांजा तस्करी के एक चर्चित मामले में विशेष एनडीपीएस (NDPS) कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब 15.5 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए अदालत ने 10-10 साल के कठोर कारावास और 1-1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह मामला मार्च 2021 का है, जब दोनों आरोपी रायपुर में बड़ी मात्रा में गांजा की सप्लाई करने पहुंचे थे। मुखबिर की सूचना पर सिटी कोतवाली पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार किया था।
विशेष NDPS कोर्ट ने सुनाया फैसला
विशेष न्यायाधीश शैलेश शर्मा (NDPS एक्ट) ने मामले की सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर फैसला सुनाते हुए प्रत्येक आरोपी को:
- 10 वर्ष का कठोर कारावास
- 1 लाख रुपये का जुर्माना
की सजा सुनाई।
मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक स्वाति शर्मा ने पैरवी की।
मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
दोषी ठहराए गए दोनों आरोपी मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के निवासी हैं।
आरोपियों के नाम:
- पवन सिंह गोंड (30 वर्ष)
- शोभनाथ केंवट (32 वर्ष)
अभियोजन के अनुसार दोनों रायपुर में गांजा की खेप पहुंचाने और खरीदार का इंतजार कर रहे थे।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
अभियोजन के अनुसार, 23 मार्च 2021 को सिटी कोतवाली थाना में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक मोहम्मद असरार अली को मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक नीले रंग की होंडा शाइन मोटरसाइकिल (MP-54-MC-9550) पर पुलिस लाइन, धमतरी गेट स्थित शराब भट्ठी के पास पीपल के पेड़ के नीचे खड़े हैं।
सूचना में बताया गया कि उनके पास बड़ी मात्रा में गांजा है और वे किसी व्यक्ति को इसकी सप्लाई करने वाले हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।
प्लास्टिक की बोरी से बरामद हुआ 15.5 किलो गांजा
तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास रखी प्लास्टिक की बोरी में गांजा मिला। मौके पर इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन कराने पर कुल 15 किलो 500 ग्राम गांजा बरामद हुआ।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने:
- 15.5 किलो गांजा जब्त किया।
- आवश्यक नमूने लेकर एफएसएल जांच के लिए भेजे।
- शेष मादक पदार्थ को नियमानुसार जब्त किया।
- दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
साक्ष्यों के आधार पर हुई सजा
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने जब्ती, एफएसएल रिपोर्ट और गवाहों सहित विभिन्न साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सख्त सजा सुनाई।
यह फैसला मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में कानून के कड़े रुख को दर्शाता है। साथ ही यह संदेश भी देता है कि नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।







