अम्लेश्वर। रायपुर। प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026–27 देश के समावेशी और संतुलित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस बजट में गरीब, किसान, महिला और युवा—चारों वर्गों के उत्थान को केंद्र में रखा गया है, जो सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तिकरण की भावना को दर्शाता है।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रावधान जनकल्याण की दृष्टि से अत्यंत सराहनीय हैं। सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं, डिजिटल हेल्थ, कौशल विकास और रोजगार सृजन पर दिया गया विशेष बल आने वाले समय में आम जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा।
बुनियादी ढांचे—सड़क, आवास, शहरी एवं ग्रामीण विकास—में निवेश से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। साथ ही, MSME, स्टार्टअप और मध्यम वर्ग को राहत देने वाले कदम आर्थिक गतिविधियों को मजबूती प्रदान करेंगे।
एक जनप्रतिनिधि के रूप में मेरा मानना है कि यह बजट सहकारी संघवाद की भावना के अनुरूप राज्यों और स्थानीय निकायों को सशक्त करेगा तथा योजनाओं का लाभ ज़मीनी स्तर तक पहुँचेगा। कुल मिलाकर यह बजट आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक सकारात्मक और दूरदर्शी प्रयास है।
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