गरियाबंद:- रायपुर सड़क मार्ग पर एक पहुत ही खूबसूरत बरसाती झरना है, जिसे स्थानीय लोग चिंगरा पगार के नाम से जानते हैं। कचना धुरवा तथा बारुका जंगल के बीचोबीच पहाड़ों को चीरता यह झरना करीब 110 फीट की ऊंचाई से गिरती हुई दार्शनिकों का मन लुभाती है।
बरसात में अधिक पानी जमा के चलते पहाड़ों के बीच से गिरने वाले इस झरने के पानी की कलकल करती आवाज को काफी दूर तक सुना जा सकता है। इसकी सुंदरता लोगो को लुभावित करती है। जिससे इस झरने की प्रसिद्धि दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। सोशल मीडिया में ट्रेंड पर है चिंगरा पगार युवाओं के बीच यह वाटरफाल बेहद लोकप्रिय है यहाँ का मनमोहक दृश्य और विव आपको बेहद पसंद आएगा अधिकांश लोग यहाँ पिकनिक के साथ इंस्टाग्राम पर रील बनाते आपको नज़र आयेंगे इस वाटर फ़ॉल पर कुछ वेब सीरिज़ डाक्यूमेंट्री मूवी के साथ सीजी एलबम् की शूटिंग की जाती है।
चिन्गरा जलप्रपात देखने के लिए सबसे अच्छा मौसम – वैसे तो आप जिस भी मौसम में यहां आएंगे आपको यह एक अत्यंत ही मनमोहक महसूस कराएगा। लेकिन बारिश के मौसम में पहाड़ों में अधिक मात्रा में पानी के भराव के चलते इसकी जलधारा काफी विशाल और काफी आकर्षित दिखाई पड़ती है।
चिन्गरा जलप्रपात तक जाने का मार्ग – गरियाबंद से 12 किलोमीटर दूर बारुका के नजदीक 3 किलोमीटर आपको यह सुंदर झरना दिखाई देगा, चिंगरा पगार वाटरफॉल जाने के लिए बारुका कार बाईक या पैदल यात्रा का सफर तय कर पहुंचा जा सकता है।जलप्रपात तक जाने के लिए 500 मी. चल के जाना होता है |
जलप्रपात की दुरी – राजिम से 38 कि.मी. की दुरी पर चिन्गारा जलप्रपात उपस्थित है | गरियाबंद से 15 कि. मी. की दुरी पर चिन्गारा जलप्रपात पहुच जाऊगे| रायपुर से करीब 75 कि.मी. की दुरी पर चिन्गारा जलप्रपात है
रेल मार्ग द्वारा : रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचने के पश्चात आपको ऑटो बस टैक्सी की भी सुविधा प्राप्त हो जाती है जहां से गरियाबंद की ओर बढ़ने पर नेशनल हाईवे में 75 किमी. की दूरी पर यह प्रपात मिलती है।
हवाई मार्ग द्वारा : निकट स्थित हवाई अड्डा रायपुर स्थित स्वामी विवेकानन्द हवाई अड्डा है, जहां से गरियाबंद बस या टैक्सी के मदद से पहुंच सकते है,
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