नई दिल्ली :- आपको बता दे की भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार कोई भी बैंक कटे-फटे नोट बदलने से इंकार नहीं कर सकता है.अगर कोई बैंक नोट नहीं बदलता है तो उसकी शिकायत की जा सकती है. प्राइवेट बैंक, यस बैंक को भी अब कटे-फटे नोट बदलने से इंकार करना महंगा पड़ा है. भारतीय रिजर्व बैंक ने नोट नहीं बदलने पर यस बैंक पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है.
भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को यस बैंक पर 10,000 रुपये का आर्थिक दंड लगाया. यस बैंक ने शेयर बाजारों को दी जानकारी में बताया कि यह दंड कटे-फटे नोट नहीं बदलने पर लगाया गया है. रिजर्व बैंक ने यस बैंक को भेजे पत्र में बताया कि आरबीआई अधिकारियों के एक शाखा में दौरा करने के दौरान कटे-फटे नोट नहीं बदले जाने के प्रमाण मिले थे.
नोट बदलने से इंकार नहीं कर सकते बैंक :-
भारतीय रिजर्व बैंक के सख्त दिशानिर्देश हैं कि बैंकों को खराब नोटों को बदलना होगा. वे ऐसा करने से इनकार नहीं कर सकते हैं. 10 रुपये से अधिक मूल्य के किसी भी कटे-फटे नोट को बैंक में बदला जा सकता है. बशर्ते कि उसका 50% से ज्यादा भाग मौजूद हो और नोट का पहचान नंबर साफ दिखाई दे रहा हो. सरकारी और निजी बैंक या आरबीआई इश्यू ऑफिस के काउंटरों पर बिना किसी फॉर्म को भरे ही नोट बदले जा सकते हैं.
पीएनबी पर भी लगा जुर्माना :-
भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को पंजाब नैशनल बैंक पर 1.32 करोड़ रुपये का दंड लगाया. यह दंड लोन, उधारी और केवाईसी मानदंडों को पूरा नहीं करने पर लगाया गया है. आरबीआई के अनुसार बैंक ने सरकार से मिली सब्सिडी या रिफंड या प्रतिपूर्ति के एजव में दो सरकारी निगमों को कार्यशील पूंजी की मांग स्वीकृत करने के लिए ऋण मंजूर किए थे. इसके अलावा बैंक चुनिंदा खातों में कारोबारी संबंध के दौरान ग्राहक की पहचान और उनके पता के आंकड़े रखने में विफल रहा था. आरबीआई ने बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. बैंक का जवाब मिलने के बाद यह दंड लगाया गया है.
About The Author






