नयी दिल्ली. केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को झारखंड के हज़ारीबाग में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 59वें स्थापना दिवस समारोह में कहा कि देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने वाले वीर जवान देश के विकास की नींव हैं।
श्री शाह ने कहा कि जीवनपर्यन्त कर्तव्य बीएसएफ का सिर्फ घोषवाक्य नहीं है बल्कि आज तक 1900 से अधिक सीमा प्रहरियों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देकर इस वाक्य को चरितार्थ भी किया है। उन्होंने कहा कि लाखों सीमा प्रहरियों ने अपने जीवन का स्वर्णिम काल कठिनतम परिस्थितियों में परिवार से दूर रहकर बिताया है। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा की प्रथम पंक्ति के रूप में बीएसएफ ने जिस तरह से देश की दुर्गम सीमाओं की सुरक्षा की है, उससे पूरा देश बीएसएफ के इन वीर जवानों पर गर्व करता है।
इस अवसर पर बीएसएफ महानिदेशक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
उन्हाेंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया था, एक सीमा पर एक ही सुरक्षा बल की तैनाती। उन्होंने कहा कि इस निर्णय के तहत पाकिस्तान और बंगलादेश की सबसे दुर्गम सीमाओं की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी बीएसएफ को मिली, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के बर्फीले इलाके, पूर्वोत्तर के पहाड़, गुजरात और राजस्थान के रेगिस्तान हों, गुजरात का दलदली इलाका हो या फिर सुंदरवन और झारखंड के घने जंगल हों, बीएसएफ ने हमेशा मुस्तैद रहते हुए दुश्मन के नापाक इरादों को विफल किया है। बीएसएफ ने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सेवा और वीरता के नए मानक स्थापित किए हैं। श्री शाह ने कहा कि जिस देश की सीमाएं सुरक्षित नहीं होतीं, वो देश कभी विकसित और समृद्ध नहीं हो सकता।
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