बेमेतरा। अमलेश्वर। राज्य शासन की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बेमेतरा के विधायक दीपेश साहू ने एक अनुकरणीय और सराहनीय निर्णय लिया है। वे स्वयं इसी योजना के तहत आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रम में हिस्सा लेकर परिणय सूत्र में बंधने जा रहे हैं। जिले और पूरे प्रदेश के राजनीतिक तथा सामाजिक गलियारों में इस फैसले को लेकर सकारात्मक चर्चाएं और सराहना शुरू हो गई हैं। यह छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहला अवसर होगा जब कोई मौजूदा विधायक वीआईपी संस्कृति को छोड़कर इस शासकीय योजना के तहत आम जनता के साथ सामूहिक विवाह के बंधन में बंधेगा।
31 मई को बेमेतरा नगर के ऐतिहासिक बेसिक स्कूल मैदान में एक विशाल और सामूहिक विवाह समारोह का गरिमामय आयोजन निर्धारित किया गया है। इस कार्यक्रम में बेमेतरा विधायक दीपेश साहू सहित क्षेत्र के कुल 24 जोड़े एक साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह सूत्र में बंधेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवा विधायक का यह सराहनीय कदम आधुनिक विवाह आयोजनों में होने वाली अनावश्यक फिजूलखर्ची को पूरी तरह रोकने, सादगीपूर्ण जीवनशैली को बढ़ावा देने और शासकीय योजनाओं के प्रति आम जनता के बीच अटूट जागरूकता व विश्वास बढ़ाने के पावन उद्देश्य से उठाया गया है।
विधायक दीपेश साहू के इस निर्णय को लेकर समाज के सभी वर्गों और राजनीतिक क्षेत्रों से बेहद उत्साहजनक तथा प्रेरक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्रबुद्ध लोगों और आम नागरिकों का दृढ़ता से मानना है कि इस अनुकरणीय पहल से मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के प्रति आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों का संकोच हमेशा के लिए दूर होगा और वे पूरी गरिमा के साथ इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित होंगे। इस संबंध में स्वयं विधायक दीपेश साहू का कहना है कि कोई भी शासकीय योजनाएं धरातल पर तभी प्रभावी ढंग से सफल और प्रासंगिक होती हैं, जब जनप्रतिनिधि स्वयं उनका हिस्सा बनकर समाज के सामने एक जीवंत और अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करें।





