पालिका प्रशासन व स्थानीय प्रतिनिधियों
किसी ने इस ओर नहीं दिया ध्यान
अमलेश्वर। नगरपालिका अमलेश्वर के तालाबों में गंदे पानी और कचरे के प्रवाह ने तालाब के वजूद को खतरे में डाल दिया है। तेजी से बढ़ते नगरीकरण, आसपास बन रहे मकानों, गंदे पानी के प्रवाह और कूड़ा फेंकने की प्रवृत्ति ने इसकी स्थिति बिगाड़ दी है। इसके चलते जलजनित बीमारियां फैलने की आशंका है।


अमलेश्वर नगर पालिका के अंतर्गत आने वाले लगभग सभी तालाबों का यही हाल है। इनकी सुध ना तो नगर पालिका प्रशासन ने ली और ना ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कभी दवा का छिड़काव कराया। आज यहां के सभी तालाबों में गंदगी का ढेर, आसपास शराब की बोतलें, पानी पाउच, डिस्पोजल आसानी से देखा जा सकता है। अमलेश्वर थाने के सामने का तालाब जलकुंभी से पूरी तरह पट चुका है। इस संबंध में वार्ड पार्षद घनश्याम साहू ने बताया कि सुशासन तिहार के समय से ही पालिका प्रशासन को तालाब की सफाई एवं निस्तारी व्यवस्था को लेकर लिखित आवेदन दिया जा चुका है लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।

क्या कहते हैं जवाबदार
अमलेश्वर पालिका के अध्यक्ष दयानंद सोनकर ने कहा कि तालाबों कि सफाई जल्दी ही कि जाएगी। इसके लिए योजना बना ली गई है। वहीं अमलेश्वर पालिका के
स्वच्छता निरीक्षक अतिक खान ने कहा कि समय-समय पर तालाब की सफाई करवाते हैं।






