सरपंच सहित जनप्रतिनिधियों एवं
ग्रामीणों ने पंचायत भवन में लगाया ताला
पहंदा (अ)। अमलेश्वर। । ग्राम पंचायत पहंदा (अ), जनपद पंचायत पाटन में पंचायत सचिव टूमन सोनी को हटाने की मांग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सचिव की कार्यशैली से नाराज ग्राम पंचायत की सरपंच इसरावती ठाकुर ने जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) को पूर्व में आवेदन देकर सचिव को हटाने की मांग की थी। लेकिन अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज सरपंच ने जनपद सदस्य, उपसरपंच, पंचगण एवं ग्रामीणों के साथ मिलकर पंचायत भवन में ताला लगा दिया।
आज सरपंच इसरावती ठाकुर के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों का समूह पंचायत भवन की चाबी जनपद पंचायत पाटन में सौंपने तथा अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने पहुंचा।
सचिव पर लगाए गए गंभीर आरोप
सरपंच इसरावती ठाकुर ने पंचायत सचिव टूमन सोनी पर समय पर पंचायत कार्यालय नहीं आने, मनमानी कार्यशैली अपनाने तथा आर्थिक अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सचिव की कार्यप्रणाली के कारण पंचायत के कामकाज एवं ग्रामीणों को मिलने वाली सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
सरपंच ने इन समस्याओं को लेकर पहले भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई थी तथा सचिव को हटाने की मांग की थी। लेकिन अब तक मांग पर कार्रवाई नहीं होने के कारण जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है।
कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी
पंचायत भवन में तालाबंदी कर चाबी जनपद पंचायत में सौंपने का कदम उठाते हुए सरपंच एवं ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है। उनका कहना है कि पंचायत के सुचारु संचालन, पारदर्शिता एवं ग्रामीणों के हितों को ध्यान में रखते हुए सचिव की कार्यशैली की जांच कर उचित निर्णय लिया जाना चाहिए।
प्रशासन से की गई मांग
सरपंच इसरावती ठाकुर एवं उनके साथ पहुंचे जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि—
पंचायत सचिव टूमन सोनी को ग्राम पंचायत पहंदा (अ) से तत्काल हटाया जाए।
सचिव पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
कथित आर्थिक अनियमितताओं की जांच कर दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
पंचायत के कार्यों का सुचारु संचालन सुनिश्चित करते हुए ग्रामीणों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण किया जाए।
अब देखना होगा कि ग्राम पंचायत पहंदा (अ) में सचिव की कार्यशैली को लेकर उठे इस विवाद पर जनपद एवं जिला पंचायत प्रशासन क्या कदम उठाता है और ग्रामीणों की मांगों पर कब तक निर्णय लिया जाता है।
नोट: सचिव के विरुद्ध लगाए गए आरोप सरपंच एवं ग्रामीणों की शिकायत पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।







