अमलेश्वर। जामगांव आर। विकासखंड शिक्षा अधिकारी डालेंद्र देवांगन ने दक्षिण पाटन क्षेत्र के विभिन्न शासकीय विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण कर पठन-पाठन, विद्यार्थियों की आधारभूत दक्षताओं और त्रैमासिक परीक्षा की तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी शैक्षणिक क्षमता को परखा और शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बीईओ ने शासकीय प्राथमिक शाला गातापार, चारभाठा, रीवागहन (अ) सहित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालय बेल्हारी का निरीक्षण किया। प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों से हिंदी धारा प्रवाह पठन और 20 तक के पहाड़े की दक्षता जांची गई। वहीं पूर्व माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों की अंग्रेजी धारा प्रवाह पठन तथा 25 तक के पहाड़े की क्षमता का परीक्षण किया गया। विद्यार्थियों से सीधे संवाद के दौरान उनकी पठन एवं गणितीय दक्षता के स्तर की जानकारी ली गई। जहां आवश्यकता महसूस हुई, वहां विद्यार्थियों को अतिरिक्त अभ्यास कराने और शैक्षणिक सहयोग देने पर चर्चा की गई।
निरीक्षण के दौरान वर्तमान में संचालित त्रैमासिक परीक्षा की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया। प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक एवं सेजास विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा संचालन, व्यवस्थाओं और शैक्षणिक तैयारियों की जानकारी लेकर परीक्षा को व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए।स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालय बेल्हारी में शैक्षणिक गतिविधियों, त्रैमासिक परीक्षा, विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा आगामी परीक्षाओं की तैयारियों की जानकारी ली गई। साथ ही जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के अभ्यास एवं मार्गदर्शन की स्थिति भी जानी गई। प्राचार्य रीना चौधरी ने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों एवं परीक्षा संबंधी तैयारियों की जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान संस्था प्रमुख भुनेश्वरी नेताम, कृष्ण कुमार साहू और मनोज साहू ने अपने-अपने विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों एवं आवश्यक जानकारी से बीईओ को अवगत कराया। शैक्षणिक कार्यों के समन्वय में संकुल शैक्षिक समन्वयक कमलेश कुमार साहू (बेल्हारी) तथा मनोज ठाकुर (सुरपा) की भी सहभागिता रही। विकासखंड शिक्षा अधिकारी डालेंद्र देवांगन ने शिक्षकों को विद्यार्थियों की आधारभूत दक्षताओं को मजबूत करने, नियमित अभ्यास कराने और प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति पर व्यक्तिगत ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन के साथ परीक्षा व्यवस्था को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया।







