अमलेश्वर। पाटन। शिक्षक दिवस के अवसर पर पाटन विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पतोरा स्थित स्कूल परिसर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य गुरु सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। उन्होंने पाटन क्षेत्र के 44 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके दीर्घ योगदान की सराहना की।समारोह को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि समय के साथ शिक्षा के क्षेत्र में कई बदलाव आए हैं, लेकिन शिक्षा और शिक्षक का महत्व कभी कम नहीं हुआ है। गांवों में स्कूलों की नींव रखने और शिक्षा का वातावरण तैयार करने में बुजुर्गों तथा आम जनता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।कार्यक्रम में रवि विवि के पूर्व कुलपति शिव कुमार पांडेय, शिक्षाविद ओमप्रकाश वर्मा, फाजिल मीर अली, सीताराम वर्मा, आशीष वर्मा, जवाहर वर्मा, खिलेश मारकंडे, भुवनेश्वर साहू, जयश्री वर्मा, राकेश साहू, डिकेंद्र हिरवानी और प्रहलाद वर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण विशेष रूप से मौजूद रहे।
स्वामी आत्मानंद स्कूलों का किया उल्लेख
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की शिक्षा संबंधी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब से गरीब परिवार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना शुरू की गई थी। इसके माध्यम से हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
उन्होंने वर्तमान सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में लगभग 10 हजार स्कूल बंद कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि गांव में यदि एक भी समर्पित शिक्षक मिल जाए, तो वह बच्चों का भविष्य संवार सकता है।
आजादी की लड़ाई में भी शिक्षकों की रही भूमिका
भूपेश बघेल ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर समाज निर्माण तक शिक्षकों की भूमिका अतुलनीय रही है। अनेक शिक्षकों ने देश को आजाद कराने के लिए अपनी सरकारी नौकरियों तक का त्याग किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
44 सेवानिवृत्त शिक्षकों का हुआ सम्मान समारोह में ओंकार प्रसाद साहू, चंद्रिका प्रसाद देवांगन, नरेंद्र सिंह ठाकुर, खेमलाल साहू, राधेश्याम लहरी, गोपेंद्र कुमार साहू, जीवन लाल ठाकुर, ओम प्रकाश शुक्ला, प्रेमलता विश्वकर्मा, मिलापराम साहू, गजानंद बंछोर, ढालूराम वर्मा, रमेश कुमार शर्मा, वीरेंद्र कुमार साहू, बसंत कुमार वर्मा, यादराम बंजारे, खिलावन सिंह चोपड़िया, एस. मिंज, पदुमलाल ठाकुर, दिलेश्वर प्रसाद चंद्राकर, रमेश कुमार सोनी, बीरेंद्र कुमार वर्मा, वेदराम साहू, सुनिता सिन्हा, देवेंद्र कुमार बंछोर, कल्याण सिंह ठाकुर, दानीराम साहू, रोमन लाल, मनहरण लाल साहू, गंगा प्रसाद साहू, तारा बंछोर, मोरध्वज वर्मा, इंद्राणी साहू, अनुराग घोष, सुरेंद्रनाथ कुशवाहा, मोतीलाल साहू, आशा कश्यप, लता रघुकुमार, एवन कुमार रात्रे, उषा दुबे, डोमार सिंह ठाकुर, नरेश कुमार यादव, रेबेका भेलवा एवं बालमुकुंद मढ़रिया सहित कुल 44 सेवानिवृत्त गुरुजनों का नागरिक अभिनंदन किया गया।







