भिलाई। गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के लिए भिलाई स्थित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र (जेएलएन चिकित्सालय) की एडवांस बर्न केयर यूनिट उम्मीद की नई किरण बन रही है। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम गंभीर मरीजों को आधुनिक उपचार उपलब्ध कराने के साथ संक्रमण नियंत्रण, पोषण प्रबंधन और आवश्यक शल्य चिकित्सा पर विशेष ध्यान दे रही है।
हाल ही में बालोद की एक महिला को करीब 65 प्रतिशत तक झुलसी हालत में जेएलएन चिकित्सालय के एडवांस बर्न केयर विभाग में भर्ती कराया गया। मरीज की हालत गंभीर थी, लेकिन चिकित्सकीय टीम के निरंतर प्रयासों और समुचित उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ और अंततः उसे स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दी गई।
65 प्रतिशत जलने पर भी नहीं मानी हार
बर्न विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष डॉ. उदय कुमार ने बताया कि अमेरिकन बर्न संगठन के मानकों के अनुसार शरीर का 40 प्रतिशत से अधिक जलना अत्यंत गंभीर स्थिति मानी जाती है।
ऐसे मामलों में मरीज के सामने संक्रमण, शरीर में तरल पदार्थों की कमी और अन्य गंभीर जटिलताओं का खतरा बना रहता है। इसलिए उपचार के दौरान लगातार निगरानी और विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखभाल बेहद जरूरी होती है।
जेएलएन चिकित्सालय की बर्न यूनिट में गंभीर मरीजों के लिए गहन चिकित्सा सुविधाओं के साथ संक्रमण की रोकथाम और उचित पोषण प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
स्किन बैंक से मिली त्वचा बनी उपचार में मददगार
इस महिला के उपचार में अस्पताल के स्किन बैंक से प्राप्त त्वचा का भी इस्तेमाल किया गया। सेक्टर-9 अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन एवं स्किन बैंक प्रभारी डॉ. अनिरुद्ध मेने ने बताया कि गंभीर रूप से जले मरीजों के उपचार में डोनेट की गई त्वचा बेहद उपयोगी साबित होती है।
स्किन बैंक से उपलब्ध त्वचा का उपयोग जले हुए हिस्से को ढकने के लिए किया जा सकता है। इससे प्रभावित हिस्से को सुरक्षा मिलती है और संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।
उन्होंने लोगों से स्किन डोनेशन के लिए आगे आने की अपील भी की, ताकि गंभीर रूप से जले मरीजों के उपचार में जरूरत के समय त्वचा उपलब्ध हो सके।
परिवार के लिए मुश्किल समय के बाद लौटी मुस्कान
मरीज के उपचार के दौरान चिकित्सकों और अस्पताल की पूरी टीम ने लगातार देखभाल की। लंबे इलाज के बाद जब महिला स्वस्थ होकर अस्पताल से घर लौटी तो परिवार के लिए यह बेहद भावुक पल था।
मरीज के पति ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकीय टीम का आभार जताते हुए कहा कि बेहतर उपचार और लगातार देखभाल के कारण उनकी पत्नी स्वस्थ होकर परिवार के बीच लौट सकीं। बच्चों को भी अपनी मां का साथ दोबारा मिल सका।
परिवार के चेहरों पर लौटी मुस्कान ने चिकित्सकीय टीम के लंबे प्रयासों को सार्थक कर दिया।
मरीज ने बताया अपना अनुभव
अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद महिला ने अपने उपचार के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि बर्न विभाग में उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा के साथ चिकित्सकों और अस्पताल कर्मियों का लगातार सहयोग मिला।
कठिन उपचार के दौरान अस्पताल के कर्मचारियों का सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार और लगातार हौसला बढ़ाना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा।
उन्होंने कहा कि इलाज के दौरान मिली देखभाल और अपनत्व ने उन्हें मुश्किल समय में भी हिम्मत बनाए रखने में मदद की।
गंभीर बर्न मरीजों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र
जेएलएन चिकित्सालय का एडवांस बर्न केयर विभाग गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के उपचार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों, संक्रमण नियंत्रण और पोषण प्रबंधन के साथ यहां गंभीर मामलों में उपचार की व्यापक व्यवस्था उपलब्ध है।
वहीं स्किन बैंक जैसी सुविधा गंभीर रूप से जले मरीजों के उपचार को और मजबूत बनाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जरूरतमंद मरीजों के लिए स्किन डोनेशन की उपलब्धता बढ़ाना इस दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
बालोद की महिला का सफल उपचार न केवल उनके परिवार के लिए राहत लेकर आया, बल्कि यह भी दिखाता है कि गंभीर बर्न मामलों में समय पर विशेषज्ञ उपचार और समर्पित चिकित्सा देखभाल कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।







