अमलेश्वर। दुर्ग। ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ित किए जाने से परेशान होकर शादी के सिर्फ 18 माह के भीतर महिला द्वारा फांसी लगाकर जान दे देने वाले मामले में न्यायालय ने आरोपियों को सजा सुनाई है। जिला सत्र न्यायाधीश दुर्ग के विनोद कुजूर की कोर्ट ने पांच आरोपियों को धारा 304 बी के तहत 10-10 वर्ष सश्रम कारावास, एक- एक हजार रुपए अर्थ दंड, धारा 498 ए के तहत 3-3 वर्ष सश्रम कारावास, एक- एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक द्रोण ताम्रकार ने पैरवी की थी।
द्रोण ताम्रकार ने बताया कि मृतिका कंचन राव का ससुराल ताल पट्टी हनुमान मंदिर के पास कैंप एक भिलाई में था। उसका विवाह पी अमित राव उर्फ बंटी के साथ 16 फरवरी 2022 को सामाजिक रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था।दहेज में मायके वालों ने अपने स्तर पर सामान दिए थे लेकिन शादी के बाद कंचन राव का पति पी अमित राव, देवर पी महेश राव, पी तारा राव, पी अश्विन उर्फ लक्की सभी निवासी कैंप एक भिलाई, नम्रता राव उर्फ पूजा निवासी थाना पलासा श्रीकाकुलम शादी के बाद से ही दहेज कम लाने की बात को लेकर कंचन राव के साथ मारपीट करते थे एवं लगातार प्रताड़ित करते थे। ससुराल वाले कंचन के पिता के नाम की जमीन में हिस्से की मांग एवं बुलेट खरीदने के लिए नगदी रकम की मांग लगातार करते रहते थे।उसकी परेशानी को देखते हुए मार्च 2022 में होली के दूसरे दिन कंचन राव का भाई 200000 रुपए मोटरसाइकिल खरीदने के लिए कंचन के ससुराल वालों के सामने दिया था। ससुराल वालों ने बुलेट वाहन खरीदा और उस वाहन को पी अश्विन के नाम पर लिया था। इस बात को लेकर जब कंचन ने अपने ससुराल वालों को कहा कि उसके पति के नाम से गाड़ी क्यों नहीं खरीदे हो, यह सुनने के बाद आरोपियों ने विवाद करते हुए कंचन के साथ गाली गलौज करते हुए मारपीट की थी।
शादी के बाद से ही लगातार कंचन को ससुराल वाले किसी न किसी बात को लेकर प्रताड़ित करते रहते थे। यह जानकारी उसने अपने मायके वालों को भी दी थी। मायके वालों ने कंचन के ससुराल वालों को समझाने का भी प्रयास किया था परंतु वे किसी की बात पर ध्यान नहीं देते थे। परेशान होकर 28 अगस्त 2023 को कंचन ने अपने कमरे में दुपट्टे से फांसी का फंदा बनाकर जान दे दी थी।







