कांग्रेसजनों ने दर्ज कराई शिकायत, आरोपी की गिरफ्तारी की मांग
अमलेश्वर। दुर्ग। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पाटन विधायक भूपेश बघेल के विरुद्ध सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर की गई कथित अभद्र, अमर्यादित एवं आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर के आह्वान पर शनिवार को दुर्ग (ग्रामीण) जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के थाना एवं पुलिस चौकियों में कांग्रेसजनों ने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई और मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की।
जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर स्वयं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ अमलेश्वर थाना पहुंचे और संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट के संबंध में पुलिस को शिकायत सौंपी। शिकायत के साथ संबंधित पोस्ट के स्क्रीनशॉट, फेसबुक प्रोफाइल का URL, कमेंट्स सहित उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे गए, ताकि मामले की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच की जा सके।
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि फेसबुक पर नीतीश मंडल नाम से संचालित प्रोफाइल से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संबंध में कथित तौर पर आपत्तिजनक एवं अमर्यादित भाषा में पोस्ट प्रसारित की गई। शिकायतकर्ताओं ने फेसबुक प्रोफाइल की जानकारी एवं उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर संबंधित व्यक्ति की पहचान कर उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रोफाइल विवरण के अनुसार संबंधित व्यक्ति पूर्व में भारतीय जनता युवा मोर्चा मंडल पखांजूर, जिला कांकेर का पदाधिकारी रह चुका है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति के विरुद्ध सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लगातार इस प्रकार की टिप्पणियों से राजनीतिक एवं सामाजिक वातावरण प्रभावित होता है। पुलिस प्रशासन को उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच कर तथ्यों के आधार पर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध शीघ्र वैधानिक कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। यदि पुलिस द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शीघ्र एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।







