आरंग क्षेत्र में मवेशी तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरंग थाना पुलिस ने एक माजदा वाहन से अवैध रूप से ले जाए जा रहे 19 मवेशियों को मुक्त कराया। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर अवैध मवेशी तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। समय रहते कार्रवाई होने से बेजुबान जानवरों को सुरक्षित बचा लिया गया।
मुखबिर की सूचना पर हुई घेराबंदी
आरंग थाना प्रभारी हरीश साहू के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि एक बड़े वाहन में मवेशियों को अवैध रूप से भरकर ले जाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने:
- ग्राम गुदगुदा के पास नाकेबंदी की
- मुख्य मार्ग पर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की
- माजदा वाहन को रोकने का प्रयास किया
जैसे ही वाहन चालक ने पुलिस को देखा, वह घबरा गया और वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया।
वाहन के अंदर का दृश्य देखकर पुलिस भी हुई हैरान
पुलिस ने जब माजदा वाहन (UP 83 CT 8790) की तलाशी ली तो अंदर 19 मवेशी बेहद खराब स्थिति में मिले।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि:
- मवेशियों को अत्यधिक संख्या में ठूंसकर भरा गया था।
- जानवरों के खड़े रहने तक की पर्याप्त जगह नहीं थी।
- चारा और पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी।
- परिवहन के दौरान पशु क्रूरता के नियमों का उल्लंघन किया गया था।
पुलिस ने तुरंत सभी मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकालकर राहत पहुंचाई।
दो आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश और स्थानीय क्षेत्र के व्यक्ति शामिल बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के लिए भेज दिया है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का मानना है कि इस मामले में एक संगठित तस्करी नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।
जांच के प्रमुख बिंदु:
- मवेशियों को कहां से लाया गया था?
- इन्हें किस स्थान पर ले जाया जा रहा था?
- तस्करी गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं?
- वाहन चालक और फरार आरोपियों की भूमिका क्या है?
इन सभी पहलुओं पर पुलिस जांच कर रही है।
मवेशी तस्करी पर लगातार कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में मवेशियों की अवैध तस्करी रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन लगातार अभियान चला रहे हैं। सीमावर्ती मार्गों और प्रमुख परिवहन रूटों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि अवैध पशु परिवहन और पशु क्रूरता से जुड़े मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





