रायपुर के बांसटाल-रायपुरा क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पारिवारिक विवादों के बढ़ते हिंसक रूप को फिर चर्चा में ला दिया है। आधार कार्ड मांगने को लेकर शुरू हुआ एक सामान्य विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि दस्तावेज मांगने पर उसके साथ गाली-गलौज, धमकी और हमला किया गया, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, पीड़ित संतोषी यादव ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। उसने बताया कि लगभग तीन वर्ष पहले उसने बबली मानिकपुरी से प्रेम विवाह किया था, जिनसे उसके तीन बच्चे हैं। बाद में पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उसने मानसी यादव से विवाह कर लिया।
पीड़ित के अनुसार, 3 जून 2026 को वह अपनी पत्नी मानसी यादव के साथ चंगोराभाठा स्थित उसके मायके गया था। वहां बिजली ऑफिस के पास रहने वाले संजू यादव और शेखर यादव से पत्नी के आधार कार्ड की मांग की गई।
इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही विवाद में बदल गई।
मारपीट और धमकी के आरोप
पीड़ित का आरोप है कि आधार कार्ड देने से इनकार किए जाने के बाद:
- संजू यादव और शेखर यादव ने गाली-गलौज शुरू कर दी।
- जान से मारने की धमकी दी गई।
- संजू यादव ने लकड़ी के बत्ता से हमला किया।
- शेखर यादव ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की।
- हमले में हाथ और पैर में चोटें आईं।
पीड़ित ने बताया कि उसकी पत्नी मानसी यादव ने बीच-बचाव कर किसी तरह विवाद को शांत कराया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह मामला पारिवारिक और आपसी विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि अधिकारी सभी पहलुओं की गहन जांच कर रहे हैं।
जांच के तहत:
- दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
- आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
- घटनास्थल से जुड़े तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
- मेडिकल रिपोर्ट और चोटों का भी परीक्षण किया जाएगा।
क्षेत्र में बनी तनाव की स्थिति
स्थानीय लोगों के अनुसार घटना के बाद कुछ समय तक क्षेत्र में तनाव का माहौल रहा। हालांकि पुलिस की सक्रियता के चलते स्थिति नियंत्रण में है।
अधिकारियों का कहना है कि व्यक्तिगत या पारिवारिक विवादों को हिंसा का रूप देना कानूनन अपराध है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बढ़ती चिंता का विषय बन रहे पारिवारिक विवाद
हाल के वर्षों में पारिवारिक और व्यक्तिगत विवादों के हिंसक घटनाओं में बदलने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। छोटी-छोटी बातों पर झगड़े, मारपीट और आपराधिक घटनाएं सामाजिक चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि संवाद और कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से विवादों का समाधान निकालना ही सबसे बेहतर रास्ता है। किसी भी स्थिति में कानून हाथ में लेना गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





