रायपुर: राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित संजय नगर में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक पुलिस जांच में आशंका जताई जा रही है कि परिवार के मुखिया ने पहले पत्नी और तीन बच्चों को कथित तौर पर जहरीला पदार्थ दिया और बाद में खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
मृतकों की पहचान 50 वर्षीय साजिद अली, उनकी पत्नी राबिया, बेटे इरशाद अली तथा बेटियों शाहिदा और इरशाबा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बच्चों की उम्र 13 से 16 वर्ष के बीच थी।
देर रात खुला घटना का राज
जानकारी के अनुसार साजिद अली अपने परिवार के साथ करीब आठ महीने पहले संजय नगर स्थित एक किराए के मकान में रहने आए थे। शुक्रवार को पूरे दिन घर का दरवाजा नहीं खुला। देर रात तक कोई हलचल नहीं होने पर पड़ोसियों को संदेह हुआ। उन्होंने खिड़की से झांककर देखा तो साजिद फंदे पर लटके दिखाई दिए।
इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टिकरापारा पुलिस, फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारियों ने दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया, जहां पत्नी और तीनों बच्चे भी मृत मिले।
आर्थिक तंगी की जांच कर रही पुलिस
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि साजिद अली बैटरी मैकेनिक के रूप में काम करते थे। पुलिस के अनुसार कुछ लोगों ने बताया है कि परिवार आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था और कर्ज का दबाव भी था। हालांकि, इन दावों की जांच की जा रही है और अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है।
पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है, जिनमें शामिल हैं:
- आर्थिक तंगी और कर्ज
- पारिवारिक परिस्थितियां
- मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य
- फॉरेंसिक जांच
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट
मकान मालिक ने क्या कहा?
मकान मालिक सैय्यद उमेर के अनुसार साजिद लगभग एक वर्ष पहले यहां रहने आए थे। उनका कहना है कि साजिद समय पर किराया देते थे और व्यवहार भी सामान्य था। उन्होंने कभी आर्थिक परेशानी का जिक्र नहीं किया था।
पुलिस का बयान
टिकरापारा थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। प्रथम दृष्टया आत्महत्या और पत्नी-बच्चों की संदिग्ध मौत का मामला प्रतीत हो रहा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा जांच और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जाएगा।
पुलिस ने मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्य जब्त कर लिए हैं तथा मामले की हर पहलू से जांच जारी है।
महत्वपूर्ण: यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव, अवसाद या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो किसी विश्वसनीय परिजन, मित्र या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत बात करें। संकट की स्थिति में स्थानीय आपातकालीन सेवाओं या उपलब्ध हेल्पलाइन से सहायता लेना जीवनरक्षक हो सकता है।




