नई दिल्ली, लोकसभा में छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती को लेकर सवाल उठा. कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से सवाल पूछा कि बलरामपुर,सरगुजा और दुर्ग जिलों में अफीम की खेती का पता चला है. मक्का और गन्ना के फसल के बीच में अफीम की खेती की जा रही थी.यदि आपका सैटेलाइट सिस्टम मजबूत है तो आपको इस खेती के बारे में क्यों नहीं पता चला.क्या जान बूझकर संरक्षण देकर अफीम की खेती करवाई जा रही थी.
अफीम की खेती पर लोकसभा में सवाल
इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया कि अफीम की खेती अवैध है.इसे रोकने के लिए हमें ग्राम पंचायत स्तर से लेकर लोकल एडमिनिस्ट्रेशन तक को इनवॉल्व करना होगा.क्योंकि ये सभी की जिम्मेदारी है और ये नेशनल सिक्योरिटी का मामला है.इसलिए स्थानीय स्तर पर ही इस तरह की जानकारी को समय रहते प्रशासन तक पहुंचाना होगा.ताकि इस पर कार्रवाई हो सके.

स्पीकर ने सवाल को लेकर जताई आपत्ति
इस जवाब के बाद लोकसभा स्पीकर ने प्रश्न को लेकर कहा कि लोकसभा में किसी एक व्यक्ति पर दोषरोपण करते हुए सवाल करना ठीक नहीं है. सवाल उस समाधान को लेकर होना चाहिए ना कि किसी एक व्यक्ति को लेकर.
ज्योत्सना महंत ने बताया प्रशासनिक मिलीभगत
इस पर ज्योत्सना महंत ने कहा कि मंत्री जी की बात से मैं सहमत हूं लेकिन जिस बलरामपुर जिले की मैं बात कर रही हूं उसमें जनवरी माह में शिकायत की गई थी.फिर भी प्रशासन ने किसी की बात नहीं सुनी इसके बाद दोबारा मार्च में शिकायत हुई इस पर कार्रवाई हुई.लेकिन तब तक फल फूल भी चुका था और कट भी चुका था.इसे प्रशासनिक मिलीभगत कहे या कुछ और. इस पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि मैं ज्योत्सना महंत जी की बात से सहमत हूं.इसलिए मैं इस बारे में ध्यान दूंगी और इस बारे में पता लगाने की कोशिश करुंगा कि देरी क्यों हुई.
About The Author








