जैन विरासत को कुंवरगढ़ महोत्सव में स्थान देने मुख्यमंत्री से मिला जैन प्रतिनिधिमंडल
राजधानी रायपुर की नगरी कुंवरगढ़ ( वर्तमान कुंरा) की प्राचीन जैन विरासत, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि तथा पुरातात्विक संदर्भों को लेकर माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से UNESCO Volunteer व जैन इंटरनेशनल फोरम महासचिव प्रवीण प्रकाशचंद जैन की पहल पर सकल जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल ने सार्थक भेंट कर ज्ञापन सौंपा ।
प्रतिनिधिमंडल ने इस भेंट के दौरान कुंवरगढ़ से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों, जैन स्थापत्य परंपरा, Sir Alexander Cunningham के पुरातात्विक उल्लेखों तथा वर्तमान में वहाँ विद्यमान जैन प्रतिमाओं एवं स्थापत्य-अवशेषों की जानकारी विस्तार से रखी । मुख्यमंत्री श्री साय ने इस तथ्यपरक जानकारी पर हर्ष व्यक्त करते हुए विषय को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि कुंवरगढ़ महोत्सव के संदर्भ में स्थानीय विधायक श्री अनुज शर्मा से समन्वय कर क्षेत्र की प्राचीन जैन विरासत और पुरातन अवशेषों की प्रस्तुति को महोत्सव में समुचित स्थान दिलाने की दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी।
इस अवसर पर सकल जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल में विकास जैन (सीए), जितेंद्र गोलछा, श्रीमती अंजली गोलछा, हर्ष बैद, मयूर जैन, अमित बरड़िया एवं उत्तम संखलेचा भी उपस्थित रहे।
CA विकास जैन ने चर्चा में यह भी रेखांकित किया कि आज भी ग्राम क्षेत्र में जैन तीर्थंकर प्रतिमाएँ एवं स्थापत्य-अवशेष यहाँ-वहाँ विद्यमान हैं, जो इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को और अधिक पुष्ट करते हैं।
जैन समाज की यह पहल कुंवरगढ़ की प्राचीन सांस्कृतिक पहचान के सम्मान की दिशा में एक सकारात्मक और महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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