रायपुर। राजधानी रायपुर में कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। नॉर्थ जोन क्षेत्र में हुल्लड़बाजी और आपसी झगड़े की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने छह आरोपियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई अपराधों की रोकथाम और संभावित संज्ञेय अपराधों को रोकने के उद्देश्य से की गई। रायपुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के निर्देशानुसार क्षेत्र में लगातार असामाजिक तत्वों, गुंडा-बदमाशों, चाकूबाजों और संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम एवं सहायक पुलिस आयुक्त उरला पूर्णिमा लामा के नेतृत्व में थाना प्रभारियों की टीम अपने-अपने थाना क्षेत्रों में नियमित चेकिंग और पेट्रोलिंग अभियान चला रही है।
इसी क्रम में 14 फरवरी 2026 को खमतराई थाना पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर कुछ लोग हुल्लड़बाजी कर रहे हैं तथा एक-दूसरे के साथ गाली-गलौज और विवाद में उलझे हुए हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों द्वारा लगातार हंगामा और अशांति फैलाने की गतिविधियों के चलते क्षेत्र में शांति भंग होने तथा किसी संज्ञेय अपराध के घटित होने की आशंका बनी हुई थी। ऐसे में पुलिस ने त्वरित कदम उठाते हुए आरोपियों को हिरासत में लिया और उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की।
गिरफ्तार आरोपियों में रूपेश दिवाकर (30 वर्ष), निवासी बुनियाद नगर भनपुरी; भूपेंद्र कुमार चंद्राकर (39 वर्ष), निवासी विजयनगर भानपुरी; दिगंबर पटेल उर्फ दिउ (35 वर्ष), निवासी बुनियाद नगर भनपुरी; दिलीप साहू (29 वर्ष), निवासी रामेश्वर नगर भनपुरी; नवल कुमार सिंह (36 वर्ष), निवासी रावाभाठा; तथा संतोष साहू (48 वर्ष), निवासी विजयवाड़ा भनपुरी शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल निरुद्ध किया गया। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की हुल्लड़बाजी, झगड़े या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का मानना है कि जनता के सहयोग से ही अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
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