जामगांव। दुर्ग। विकसित भारत के संकल्प लेकर दुर्ग भिलाई सहित अमलेश्वर और इसके आसपास के सभी जनप्रतिनिधि और नेताओं ने जामगांव सर्किट हाउस में एक बैठक में अपनी प्रस्तुति दी, सभी ने बारी बारी से वीबीजी राम जी के संदर्भ में अपने-अपने विचार दिए और उनके फायदे को बताया।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, जिला संयोजक गिरीश साहू बीबी जी राम जी जिला सहसंयोजक, लोकमान्य चंद्राकर, लालेश्वरसाहू, रोहित राजपूत, जनपद अध्यक्ष कीर्ति नायक, जिला पंचायत सदस्य समिति नीलम चंद्राकर, हर्षा चंद्राकर, उपाध्यक्ष जिला भाजपा राजेश चंद्राकर प्रदेश किसान कार्यसमिति, कमलेश चंद्राकर अमलेश्वर मंडल अध्यक्ष, खेमलाल अनुसूचित जाति मोर्चा, जिला भाजपा महामंत्री दीप्ति चंद्राकर, महिला मोर्चा अध्यक्ष बसंत चंद्राकर, प्रदेश सह कार्यालय मंत्री धर्मेंद्र कौशिक, मंडल महामंत्री मंडल के संयोजक राजू साहू, वीबी रामजी मंडल के सहसंयोजक रवि सिंघौर, गुलाब जोशी, मनीष कोसले,मंडल के उपाध्यक्ष रमाकांत यादव, मंडल के मंत्री अरविंद पाल, जनपद सदस्य पन्नालाल कस्तूरी, बंजारेपार्षद डॉ आलोक पाल, राजू सोनकर सरपंच चेतन चंद्राकर, पचपेड़ी सरपंच रोहित तुलसी सिन्हा, सरपंच कालंद्री मानिकपुरी, समिति अध्यक्ष ललित सोनकर, महेश वर्मा, अशोक निषाद, पूरन साहू, मनबोध साहू,प्राधिकृत अध्यक्ष अजीत ठाकुर, संदीप चंद्राकर, गोलू टंडन, जीवनलाल साहू आदि भाजपा के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सांकरा के युवा सरपंच रवि सिंगौर ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी ने केंद्र सरकार की “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)” (VB G-RAM G) अधिनियम, 2025 के बारे में जागरूकता फैलाने और विपक्ष के भ्रम को दूर करने के लिए देशव्यापी बैठकें की हैं। इन बैठकों में पार्टी ने ग्रामीणों के लिए 125 दिनों के रोजगार, स्थायी विकास और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने हेतु जमीनी स्तर पर (बूथ स्तर तक) अभियान चलाने की रणनीति बनाई है।
जागरूकता अभियान: भाजपा नेता और कार्यकर्ता “जी राम जी” कानून के तहत ग्रामीण रोजगार को मजबूती और काम की गरिमा को लेकर गाँव-गाँव तक जानकारी पहुँचाएंगे। मनरेगा से तुलना: बैठक में बताया गया कि यह नई योजना कैसे पुराने मनरेगा की तुलना में अधिक फायदेमंद है, जिसमें अब 100 की बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी है। विपक्ष पर पलटवार: भाजपा नेताओं ने कहा कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक ऐतिहासिक कदम है, और इसका विरोध पूरी तरह से आधारहीन है। तकनीकी और पारदर्शी: सभी काम ऑनलाइन होंगे और पंजीकृत श्रमिकों को सीधे लाभ मिलेगा, जिससे जवाबदेही और निवेश बढ़ेगा।
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