छत्तीसगढ़ में बस्तर फाइटर के जवान की मलेरिया से मौत का मामला सामने आया है. इससे पहले बस्तर में ही मलेरिया से दो लोगों की मौत हो गई थी. सिर्फ यहीं नहीं ओडिसा सहित देश के बाकी हिस्सों में भी मलेरिया का प्रकोप तेज हो गया है और यह जानलेवा साबित हो रहा है. देशभर में पिछले 5 महीने में मलेरिया के इतने मामले सामने आए हैं कि इन्होंने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.
जबकि साल 2023 में मलेरिया के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे.नेशनल सेंटर फॉर वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल के द्वारा जुलाई 2024 में जारी किए गए जनवरी से लेकर मई 2024 तक के आंकड़ों के अनुसार सिर्फ 5 महीने में ही पूरे भारत में मलेरिया के 53497 मामले दर्ज किए गए हैं. जबकि पिछले साल इन्हीं महीनों में मलेरिया के कुल 45072 केस सामने आए थे. ऐसे में पिछले साल के मुकाबले करीब साढ़े 8 हजार केस इस बार ज्यादा हैं. हालांकि मौतें पिछली बार के मुकालब इस बार 50 फीसदी से कम हैं. पिछले साल मई तक कुल 16 लोगों की मौत मलेरिया से हुई थी, जबकि यह आंकड़ा इस साल 7 का था. हालांकि जून और जुलाई में मलेरिया के केसेज के अलावा मौतें भी बढ़ रही हैं.
ये राज्य हैं सबसे ज्यादा पीड़ितइस साल मलेरिया से सबसे ज्यादा पीड़ित 5 राज्य छत्तीसगढ़, ओडिसा, झारखंड, महाराष्ट्र और मिजोरम हैं. साथ ही त्रिपुरा, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और गुजरात में भी मलेरिया के मामले देखे जा रहे हैं. इस बार मई 2024 तक ओडिसा में सबसे ज्यादा 12363 केस मलेरिया के आए हैं, जबकि दूसरे नंबर पर 10114 मामलों के साथ छत्तीसगढ़ राज्य है. इसके साथ ही तीसरे नबर पर 9933 केस के साथ झारखंड और चाथे पर मिजोरम है.
क्यों फैलता है मलेरियादिल्ली एमसीडी में मलेरिया, डेंगू के नोडल अधिकारी रह चुके डॉ. सतपाल कहते हैं कि मलेरिया के मच्छर गंदे या अस्वच्छ पानी में पनपते हैं. जहां भी ऐसा पानी इकठ्ठा होता है, मलेरिया फैलाने वाले मादा एनाफिलीज मच्छरों का लार्वा पनप जाता है. सिर्फ बारिश ही नहीं, नदी, नालों, या रुके हुए पानी की सफाई करना बेहद जरूरी है. साथ ही इसके लिए नगर निगमों को भी साफ-सफाई के अलावा मच्छर मार दवाओं का समय से छिड़काव करना चाहिए.
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