विश्व इमोजी दिवस :- आज के डिजिटल दौर में हर कोई फोन पर मैसेज चैट जरिए हंसी-मजाक करता है और अपने मन की बात टाइप करके कहते है. ऑनलाइन चैटिंग का बढ़ते दौर में इमोजी से आज हर कोई वाक़िफ़ है.जब किसी से कुछ कहने सुनने का मन नहीं करता है तो झट से हम उसे इमोजी भेज देते हैं. ये इमोजी हमारी डिजिटल लैंग्वेज बन चुकी है. इन्हीं इमोजी को सेलिब्रेट करने के लिए हर साल 17 जुलाई के दिन विश्व इमोजी दिवस (World Emoji Day) मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का श्रेय इमोजीपीडिया के फ़ाउंडर जेरेमी बर्ज को जाता है. आइए जानते हैं कि इस दिन को मनाने की शुरुआत कैसे हुई? और इससे जुड़ी रोचक बातें.

इमोजी डे मनाने की शुरुआत :-
इमोजी की शुरुआत सिंबल्स के साथ 1980 के दशक में हो गई थी. वहीं मोबाइल कंपनी के लिए जापानी डिज़ाइनर ने 1990 में इमोजी क्रिएट की थी, इसके बाद साल 2011 में इमोजी को पॉपुलैरिटी मिली थी.इमोजी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर एक इंपॉर्टेंट रोल प्ले करती है. ऐसे में इन छोटे आइकन को सेलिब्रेट करने के लिए World Emoji Day मनाया जाता है.
चट्स में क्यों बढ़ा इमोजी का क्रेज़ :-
फ़ोन पर बात करने की बजाय लोगों ने चैट्स करना ज़्यादा आसान और सहज समझा और इसकी शुरुआत हुई. लेकिन अब लोग चैट की बजाय इमोजी टॉक करना ज़्यादा प्रेफर करते हैं. इमोजी के ज़रिए व्यक्ति अपने दिल की फीलिंग को आसानी से व्यक्त कर देता है. जैसे- किसी को हंसी आ रही यही तो हंसीने की स्माइली, रोना आ रहा है तो रोने की इमोजी, गुस्सा आ रहा है तो गुस्से वाली इमोजी. इन्हीं कारणों से इमोजी का क्रेज़ लोगों में खूब बढ़ा है. अब, तो लोग इमोजी वाले कस्टमाइज़्ड टी-शर्ट,बैग्स, एसेसरीज और बहुत सी चीजें भी बनवाने लगे हैं.
इन वजहों से इमोजी को मिला पीला रंग :-
इमोजी ज़्यादातर पीले कलर की होती हैं ऐसे में आप सोच रहे होंगे कि आखिर इन्हें पीला कलर क्यों दिया गया तो आपको बता दें इसके पीछे कई कारण बताए जाते हैं उनमे से एक है कि इमोजी का पीला रंग हमारी स्किन टोन से मैच होता है और लोग जल्दी इस कलर से कन्टेक्ट कर पाते हैं इसलिए इमोजी को येलो कलर दिया गया. जब कोई व्यक्ति हंसता है या मुस्कुराता है, तो उसक चेहरा पीला दिखने लगता है इस वजह से इमोजी का कलर पीला दिया गया. वहीं, कई लोगों का ऐसा मानना है कि पीला रंग बहुत वाइब्रेंट होता है और वह ख़ुशी का प्रतीक होता है. इस वजह से इमोजी को पीला कलर दिया गया है.
सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है ये इमोजी :-
वैसे तो लोग न जाने कितनी इमोजी इस्तेमाल करते हैं लेकिन आज हम आपको बताएंगे कि कौन से इमोजी का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया जाता है. खुशी के आंसू बहाने वाला यानी हंसता हुआ इमोजी दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल और पसंद किया जाने वाला इमोजी है.
इमोजी का सही मतलब :-
साइड से निकली जीभ :- साइड से निकली जीभ का कई लोगों को लगता है कि ये इमोजी किसी को चिढ़ाने के लिए होती हैं लेकिन इस इमोजी का मतलब होता है, किसी चीज़ के स्वाद की सराहना करना या उसे यमी कहना, जीभ चढ़ाने वाली इमोजी दूसरी होती है.
भौंहें उठाने वाली इमोजी :- बहुत से लोग भौहें उठाने वाली इमोजी को दुखी दिखने के लिए इस्तेमाल करते हैं जबकि ये इमोजी साइडआई की तरह किसी जिज्ञासा या डिसअपॉइंटमेंट दिखाने के लिए होती है.
आंखें ऊपर की हुई इमोजी :- यह आंखें ऊपर की हुई इमोज लोगों को कन्फ्यूज्ड फेस वाली इमोजी लगती है जबकि ये आइरोल है. जब हम किसी बात से इरिटेट हो जाते हैं तो अपना इरिटेशन दिखाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है.
आंखों में हल्के आंसु वाली इमोजी :- आंखों में हल्के आंसु वाली इमोजी का बहुत से लोग गलत तरीक़े से इस्तेमाल करते हैं जबकि लोगों को लगता है, ये इमोजी रोना दिखाने के लिए या दुख प्रकट करने के लिए है जबकि इस इमोजी को किसी से कुछ मांगने के लिए या प्लीज करने के लिए किया जाता है.इसे प्लीडिंग फेस इमोजी कहा जाता है.
आंखें मीचे हुए टेड़ा मुंह :- आखिर में अच्छे लोगों को लगता है कि रोने वाली शक्ल है. जबकि ये इमोजी इरिटेशन और निगेटिव फीलिंग्स दिखाने के लिए होती है.
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