बिहार (पू्र्णिया) :- बिहार के पूर्णिया में एक पति ने अपनी पहली पत्नी को पहले छोड़ दिया फिर अपनाने का ढ़ोंग रचा। पत्नी को ले जाए हुए दो दिन भी नहीं हुए और पत्नी की लाश पुल के किनारे पड़ी मिली। इसी मामले में 12 गवाहों ने गवाही देकर हत्या करने वाले को उम्रकैद की सजा दिलवाई है। अदालत ने 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए मो. मुदफ्फर को सेंट्रल जेल भेज दिया है। मृतका के मामा ने प्राथमिकी में कहा था कि उसने भगीनी की परवरिश अपने पास रखकर की थी। चौदह साल पहले उसकी शादी मो. मुजफ्फर से कराई थी। उसके तीन बच्चे भी थे। इसके बाद दामाद ने उसकी भगिनी को छोड़कर दूसरी शादी कर ली और दिल्ली चला गया। भगिनी अकेली पड़ गई। उसकी देखभाल नहीं होने पर वह उसे अपने साथ ले आए और उनके साथ रहने लगी।
इसी बीच 2 अक्टूबर 2019 को दामाद वापस आया और भगिनी को ठीक से रखने की बात कहकर उसे अपने साथ ले गया। मृतका के मामा ने उसे भेज दिया, लेकिन दामाद अपने बच्चों का साथ नहीं ले गया। वह बच्चों को यह कहकर छोड़ गया कि उन्हें बाद में ले जाएगा। दो दिन बाद 4 अक्टूबर 2019 को भगिनी की लाश शहर के कप्तान पुल के निकट पड़ी मिली। उन्होंने दावा किया कि उसकी भगिनी की हत्या दामाद ने अन्य लोगों के साथ मिलकर कर दी है।
मामला पुलिस के पास पहुंचा तो पुलिस ने इस मामले में जांच-पड़ताल के बाद मृतक के पति खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद अदालत में ट्रायल चलता रहा और अंत में दामाद पर लगे इल्जाम सही साबित हुए और उसे उम्र कैद की सजा सुनाई गई। बीते 2 अक्टूबर 2019 की घटना को लेकर मृतका जुमरी खातून के मामा महथौर निवासी मो. गुजाराइल ने सदर थाना में कांड सं. 512/19 के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी थी। अदालत ने इस मामले में 12 लोगों की गवाही दर्ज की। इसके बाद सभी पहलूओं पर सुनवाई के बाद मृतका के पति को हत्या का दोषी माना और सजा सुनाई।
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