ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित पंचशील हाइनिश सोसाइटी में एक परिवार डेढ़ घंटे तक लिफ्ट में अटका रहा। टावर निवासियों को पता चलते ही सोसाइटी मेंटेनेंस टीम को बताया गया। सोसाइटी मेंटेनेंस टीम लिफ्ट का गेट नहीं खोल पाई। पड़ोसी सोसाइटी सुपरटेक इकोविलेज-1 के लिफ्ट टेक्नीशियन ने लिफ्ट का दरवाजा खोल परिवार को बाहर निकाला। गर्मी और घबराहट से महिला की तबियत बिगड़ गई। गुरुवार को लिफ्ट अटकने की घटना के बाद शुक्रवार को भी दो अलग-अलग टावर में लिफ्ट फंसने की घटनाएं हुई। शक्रवार को टावर-9 और टावर-11 में लिफ्ट अटकी।
टावर-2 के फ्लैट संख्या 1202 निवासी मणि कांत गुप्ता ने बताया कि गुरुवार शाम 7.50 बजे उनकी पत्नी सीमा गुप्ता और बेटी स्नेहा गुप्ता कोन (CONE) लिफ्ट से 12वीं मंजिल से नीचे जा रहे थे। लिफ्ट नीचे पहुंची पर लिफ्ट का दरवाजा नहीं खुला। सीमा और स्नेहा लिफ्ट में लगभग सवा घंटा फंसे रहे। परिवार ने लिफ्ट के अंदर लगा अलार्म बटन बजाया लेकिन कोई मदद नहीं मिली। लिफ्ट के अंदर से चीखना-चिल्लाना और लिफ्ट का दरवाजा बजाना शुरू किया कि आसपास से कोई गुजर रहा हो तो मदद को आ जाए।
चीखने चिल्लाने की आवाज सुन टावर निवासी आए और सोसाइटी की मेंटेनेंस टीम को घटना से अवगत कराया। इसी बीच टावर निवासी लिफ्ट का दरवाजा खोलने की कोशिश करते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली। मेंटेनेंस टीम ने लिफ्ट का दरवाजा खोलने की काफी कोशिश की लेकिन लिफ्ट का दरवाजा नहीं खुला। पड़ोस की सोसाइटी सुपरटेक इकोविलेज-1 से मदद मांगी गयी। सुपरटेक इकोविलेज-1 से पंचशील पहुंचे तकनीशियन ने एक झटके में लिफ्ट का दरवाजा खोलकर परिवार को बाहर निकाला।
घटना के बाद से सोसाइटी निवासियों में सोसाइटी प्रबंधन के प्रति काफी रोष है। निवासियों ने बताया कि एक दिन पहले ही कंपनी का इंजीनियर लिफ्ट का चेकअप करके गया है और बोला कि लगभग सभी लिफ्ट के लॉक खराब हो रहे हैं। जल्द से जल्द एएमसी करा कर या चार्ज बेसिस पर ठीक कराने को बोल कर गया था। निवासियों ने बताया कि कुछ दिन पहले सोसाइटी की एओए ने लिफ्ट के एएमसी के लिए कोटेशन मंगाने का स्क्रीनशॉट तो साझा किया था लेकिन अभी तक लिफ्ट का एएमसी दिए जाने की जानकारी नहीं है, ना ही एएमसी से संबंधित कोई दस्तावेज निवासियों संग साझा किया गया है।
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