हरदा (मध्य प्रदेश) :- भोपाल जिले के हरदा में मंगलवार को हुए विस्फोट के बाद आसपास के इलाके के लोग दहशतज़दा हैं इस विस्फोट में 11 लोगो की मौत हो चुकी है और यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है। 60 घायलों में से कुछ की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की जांच के लिए आदेश दिये हैं वहीं फैक्ट्री संचालक घटना के बाद से फरार हो गया।इससे पूर्व भी वह ऐसी ही घटना के लिये जेल की हवा खा चुका है। पटाखा फैक्ट्री में इस तरह विस्फोट के बाद कई प्रकार के सवाल उठाए जा रहे हैं।सवाल ये है कि रिहायशी इलाके के करीब पटाखा फैक्ट्री बनी कैसे बनी? हरदा एसडीएम केसी परते ने बताया कि इस पटाखा फैक्ट्री में फटाकों का निर्माण कार्य भी किया जाता था और भंडारण भी। जानकारी के मुताबिक ब्लास्ट वाली पटाखा फैक्ट्री के संचालक का नाम राजेश अग्रवाल है. राजेश अग्रवाल के साथ तीन संयुक्त खातेदार हैं । विस्फोट के बाद से ही फैक्ट्री संचालक फरार है। जहां पर यह हादसा हादसे वाली जगह पर तीन फैक्ट्रियां अलग-अलग नामों से चल रही थीं। बताया जा रहा है कि पहले भी यहां हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान गंवाई है.
हरदा एसडीएम केसी परते ने बताया कि तीन महीने पहले फैक्ट्री की जांच की गई थी, जिसमें कुछ कमियां सामने आयीं थी. इन कमियों के चलते कुछ समय के लिए फैक्ट्री को बंद भी कर दिया गया था. लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने दस्तावेज देखने के बाद फैक्ट्री को दोबारा चालू कर दिया । वर्ष 2015 में भी इसी फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था।जिसमें संचालक राजू उर्फ राजेश अग्रवाल को साल 2015 में 10 साल की सजा हो चुकी है और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। आरोपी को विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 5 के तहत दंडित किया गया था। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पूरे मामले की जांच के लिए 6 सदस्यीय जांट कमेटी का गठन किया है.









