अम्बागढ़ चौकी : पुलिस विभाग के साथ-साथ पूरा प्रशासनिक सिस्टम इस समय विधानसभा चुनाव प्रक्रिया को शांति व्यवस्था के साथ साथ सौहार्द्र पूर्ण व्यवस्था में संपादन कराने के लिए दिन-रात जुटी हुई है। इसी बीच मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले के चिल्हाटी थाना में पदस्थ थानेदार सुशील कुमार त्रिपाठी और उनका थाना गांव के गरीब परिवार के लिए कहर बन गया हैं। सिंचाई विभाग की सरकारी लीज की जमीन से काश्तकारों को बेदखल कराने का ठेका ले लिये है। बार-बार थाने बुलाकर तो कभी रात के अंधेरे में दल-बल के साथ गांव पहुंचकर वर्दी के गुंडाई के आगे गरीब परिवार असहाय और प्रताड़ना के शिकार हो गए हैं, परिवार जनों ने कहा कि पुलिस इन्हें परेशान करते रही तो पूरा परिवार जहर खाकर मर जाएंगे।

प्राप्त खबर के अनुसार अंबागढ़ चौकी विकासखंड के ग्राम दोड़के में निवासरत हेमराज, विट्ठलराव, परसराम दरबडे तीनों भाई व परिवार चिल्हाटी पुलिस के प्रताड़ना से जूझ रहा हैं। गौरतलब है कि तीनों भाई के द्वारा विगत 20 25 सालों से गांव में स्थित मोगरा बैराज के डूबान की भूमि में कास्तकारी किया जा रहा है 2 एकड़ भूमि पर दरबडे बंधुओं का परिवार कड़ी मेहनत कर गुर्जर बसर कर रहा है उक्त कृषि भूमि पर अब चिल्हाटी थानेदार का काली छाया मंडराने लगा है। गांव में निवासरत कुछ रसूखदार लोग उक्त भूमि को कब्जा करना चाह रहे है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनके इशारे पर थाना प्रभारी सुशील कुमार त्रिपाठी और उनकी टीम कानून की हर मर्यादा को लांघते हुए गरीब परिवार पर जमीन छोड़ देने के लिए हर तरह का हथकंडा अपना रहे हैं।
लीज में लेकर कर रहे हैं परिवार का भरण पोषण-दरबडे तोनो भाई का परिवार कानूनी तौर पर मोगरा बैराज के सिंचाई विभाग से बकायदा काश्तकारी के लिए भूमि लीज में लेकर उक्त जमीन पर फसल उगाते आ रहे हैं जिसके लिए उनके द्वारा शासन को विधिवत लगान भी दे रहे हैं।
कभी गांव पहुंच के तो कभी थाने बुलाकर भूमि छोड़ने की धमकी-पीड़ित पक्ष के अनुसार गांव के रसूखदारों के इशारे पर काम कर रहीं चिल्हाटी थानेदार सुशील कुमार त्रिपाठी के निर्देश में 11 अक्टूबर को थाने बुलाकर दिनभर परिवार जनों को थाने में बैठाया रखा इसके बाद 15 अक्टूबर को स्वतं थाना प्रभारी दल बल के साथ रात 7 से 8 बजे के बीच अति नक्सली संवेदनशील गांव दोडके पहुंचकर कोटवार के माध्यम से परिवार को इकट्ठा कर जमीन छोड़ देने की धमकी दी गई इसके साथ ही फिर से आज 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे फिर कोटवार के माध्यम से परिवार को चिल्हाटी थाना बुलाया गया जहां पर दिन भर उन्हें बैठाया रखा गया।
थाने में बुलाकर करते हैं अपमानित-आम लोगों के जान माल की रक्षा के लिए तैनात पुलिस बल अहसाय गरीबों को अपने फायदे के लिए किस तरह कुचलने जा रहीं हैं इस मामले से पता लग रहा है पीड़ित परिवार ने बताया कि थाने में बुलाकर थाना प्रभारी तथा एक प्रधान आरक्षक उनके साथ गाली-गलौज करते हुए जेल भेजने की धमकी देते हुए लगातार अपमानित कर रहे हैं इसके साथ ही मारपीट करने के लिए उतारू हो जाते हैं। पीड़ित परिवार के द्वारा थाने में हो रही जातियों को लेकर 54 मिनट का मोबाइल फोन से ऑडियो भी बनाया गया है।
मर जाएंगे जहर पीके-पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर गरीब पीड़ित परिवार परेशान हो गया है परिजनों ने कहा कि इस तरह पुलिस उन्हें परेशान करती रही तो उनका पूरा परिवार जहर पीकर आत्महत्या कर लेंगा।
जवाब से भागे थाना प्रभारी-भूमि से काश्तकारों को बेदखल करने की रणनीति और पुलिस प्रताड़ना के संबंध में जब थाना प्रभारी सुशील कुमार त्रिपाठी से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो वे किसी भी तरह से जवाब देने से इनकार कर दिए।
2022 में ही कट गया है फैना- मामले में अक्टूबर 2022 को तत्कालीन चिल्हाटी थाना के विवेचक ने पुलिस अपराध अयोग्य करार देते हुए 155 का फैना काट दिए हैं अब इस मामले में चिल्हाटी थाने के थानेदार रसूखदारों के ईसारे पर गरीबों का निवाला और उनकी जिंदगी छिन्ने में लगें हुए हैं।









