बलरामपुर। बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोदवा के कतारी कोना जंगल में सरई के सैकड़ों पेड़ वन विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से कटा हुआ जंगल में पड़ा हुआ है , प्राप्त सूचना के अनुसार ग्रामीणों से पूछने पर मौखिक रूप से बताया गया कि वन विभाग के रेंजर, दरोगा, एवम बिट गार्ड सहित वन विभाग के समिति प्रबंधक द्वारा मोटी रकम लेकर यह पेड़ कटवाया गया है.

हमेशा इस जंगल में सरई का पेड़ कटते रहता है , जिसके चलते पर्यावरण दूषित होने के साथ साथ एक दूसरे व्यक्ति को पेड़ काटते हुए देख कर दूसरे व्यक्ति भी जंगल के पेड़ को काटने में लग जाते है, वन विभाग का कोई भी अमला इस जंगल की ओर कभी देखने तक नही आते है , बल्कि मोटी रकम लेकर जंगल में लगा हुआ पेड़ को कटवाने में लगे रहते है जिससे ग्रामीणों का गुस्सा वन विभाग के अधिकारीयो के प्रति भी चर्चा करते समय देखने को मिल रहा है तथा समाचार के माध्यम से बलरामपुर कलेक्टर सहित वन विभाग बलरामपुर के वनमंडलाधिकारी एवम संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से उचित तरीके से जांच कर दोषी अधिकारी एवम कर्मचारियों के उपर कार्यवाही करने की मांग की है ,जिससे वन एवम जंगल की सुरक्षा की जा सके तथा पर्यावरण को स्वच्छ बनाया जा सके ।

जंगल दरोगा प्रद्युमन तिवारी –
इस संबंध में इस बिट के दरोगा प्रद्युमन तिवारी से फोन पर हुई चर्चा के दौरान पूछने पर बताया गया की एक दरोगा हु कहा कहा देखूंगा , एरिया बहुत लंबा है , पेड़ कटने की जानकारी मुझे भी मिली है । देखता हु इस मामले में पी आर काट दिया हु ।
रेंजर शंकरगढ़ अखिलेश जायसवाल ।
कई वर्षो से अंगद की तरह पैठ जमाकर वन विभाग शंकरगढ़ में पदस्थ रेंजर अखिलेश जायसवाल से इस संबंध में पूछे जाने पर बताया गया की उस क्षेत्र का दरोगा प्रद्युमन तिवारी है उनसे पूछिए वही इस संबंध में बता पाएंगे ।
चुनाव आयोग के संज्ञान में नहीं होने के चलते कई वर्षो से एक ही जगह विराजमन है प्रभारी रेंजर अखिलेश जायसवाल ।
वन विभाग एस डी ओ रविशंकर श्रीवास्तव ।
इस संबंध में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एस डी ओ से बात करने का प्रयास फोन के माध्यम से किया गया मगर उनसे बात नही हो पाई ।
डी एफ ओ बलरामपुर ।
इस संबंध में बलरामपुर डी एफ ओ विवेकानंद झा से फोन पर हुई चर्चा के दौरान बताया गया की इस बात की जानकारी अभी हो रही है होने इस संबंध में जांच करवाता हु ।

कई वर्षो से एक ही जगह शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के अंतर्गत में प्रभारी रेंजर अखिलेश जायसवाल एवम अन्य कर्मचारियों के काफी दिनो से एक ही जगह पदस्थ रहने पर क्षेत्र के लोगों से काफी परिचय होने के कारण अधिकारी के मिली भगत से हमेशा बड़े एवम छोटे वन विभाग के अंदर पेड़ काटे जा रहे है इस पर न तो विभाग के बड़े अधिकारी की नजर है या फिर चुनाव आयोग का चुनाव आयोग का भी ध्यान ऐसे अधिकारी एवम कर्मचारियों पर अभी तक नही है , जिसके चलते एक ही जगह पर लगभग कई वर्ष से उप वन परिक्षेत्र अधिकारी होने के साथ साथ लगभग 3 वर्षो से वर्तमान में प्रभारी रेंजर के पद पर विराजमान है ।

शंकरगढ़ के जोका पाठ के समुंद्री में काफी मात्रा में जंगल काट कर खेत बनाया जा रहा है मगर अधिकारियों द्वारा अभी तक किसी प्रकार की कार्यवाही नही किए जाने की बात सामने आ रही है। इस प्रकार से यह देखा जा सकता है की वन विभाग के एक जिम्मेदार अधिकारी द्वारा इस पेड़ कटाई मामले में गैर जिम्मेदार तरीके से बात करना वास्तव में ऐसा लगता है की ऐसे अधिकारी / कर्मचारी को जंगल विभाग के पेड़ पौधा से कोई आत्मित्य रूप से लगाव नहीं होने के चलते कभी भी कोई व्यक्ति छोटे बड़े सरई एवम अन्य इमारती लकड़ी को काटने में लगे हुए है। समाचार के माध्यम से क्षेत्र की जनता द्वारा ऐसे अधिकारियों पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवम भारत निर्वाचन चुनाव आयोग द्वारा तत्काल कार्यवाही करने की मांग करते हुए शंकरगढ़ से कही अन्यंत्र जगह स्थानांतरण करने की मांग की है जिससे भविष्य में इस प्रकार से पेड़ की कटाई होने से रोका जा सके , तथा पर्यावरण की सुरक्षा करने के साथ साथ वनों की रक्षा की जा सके ।









