Foods That Boost Mental Health: दुनियाभर में हर साल 10 अक्तूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। वर्ल्ड मेंटल हेल्थ को मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों को उनके मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और मानसिक बीमारियों के बारे में जानकारी प्रदान करना है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के लिए हर साल एक अलग थीम निर्धारित की जाती है। इस बार की थीम है- “मेंटल हेल्थ इज ए यूनिवर्सल ह्यूमन राइट (Mental health is a universal human right)”
आपने अक्सर लोगों को यह कहते हुए सुना होग कि ‘जैसा खाओगे अन्न, वैसा होगा मन’। इस कहावत को अगर मेडिकल दुनिया के हिसाब से भी परखें तो यह एकदम सटीक बैठती है। दरअसल, व्यक्ति क्या खा रहा है, उसका सीधा असर न सिर्फ उसके शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। डिप्रेशन, एंजाइटी और कई गंभीर मानसिक समस्याएं खानपान से जुड़ी हुई होती हैं। सही और संतुलित भोजन के जरिए व्यक्ति कई मानसिक समस्याओं से बचा रह सकता है। विटामिन बी की कमी भ्रम की स्थिति पैदा करती है। वहीं एंटीऑक्सीडेंट्स फूड्स शरीर में हैप्पी हार्मोन्स के स्राव को बढ़ाते हैं। इसी तरह अन्य विटामिन्स, मिनरल्स एवं प्रोटीन भी मानसिक स्वास्थ्य को सही रखने में भूमिका निभाते हैं। शरीर को ये सभी न्यूट्रिएंट्स भोजन से ही प्राप्त होते हैं। वर्ल्ड मेंटल हेल्थ के इस खास मौके पर जानते हैं आर्टेमिस अस्पताल (गुड़गांव), के मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार विज्ञान के प्रमुख सलाहकार डॉ. राहुल चंडोक और मनोविज्ञानी डॉ. तान्या कौशिक से कि कैसे कुछ फूड्स को अपने रूटिन में शामिल करके आप अपनी मेंटल हेल्थ को अच्छा बनाए रख सकते हैं।
मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाए रखने के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें-
फल सब्जियां-
फलों और सब्जियों का सेवन न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी है। जिस तरह हरी पत्तेदार सब्जियों में एंटी-डिप्रेशन गुण मौजूद होते हैं। उसी तरह कई फल भी मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। हालांकि प्लांट बेस्ड डाइट को अपनाते समय, व्यक्ति को इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए कि उसकी डाइट में रिफाइंड और प्रोसेस्ड चीजें शामिल न हों। मानसिक स्वास्थ्य के लिए आप डाइट में केला, एवोकेडो, गाजर, टमाटर, पालक और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल कर सकते हैं।
साबुत अनाज-
साबुत अनाज यानी होल ग्रेन का सेवन शरीर के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इन्हें कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट की श्रेणी में रखा जाता है। ये शरीर में सेरोटोनिन के स्राव को बढ़ाते हैं, जिससे मन खुश रहता है। इसकी तुलना में आटा, सफेद चावल, मैदा और ब्रेड सिंपल कार्बोहाइड्रेट हैं, जिनसे शरीर को फायदा नहीं होता है। बल्कि कुछ स्थितियों में सिंपल कार्बोहाइड्रेट से शरीर को नुकसान होता है। दलिया, बीन्स, ब्राउन राइस, सोया और ओट्स साबुत अनाज के अच्छे उदाहरण हैं। बीन्स में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जिनसे याददाश्त मजबूत होती है।
नट्स एवं अखरोट-
वैज्ञानिक पत्रिका न्यूट्रिएंट्स में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, किसी भी प्रकार के नट्स यानी सूखे मेवे का नियमित रूप से सेवन करने वालों में अन्य लोगों की तुलना में डिप्रेशन की आशंका कम रहती है। इनमें भी सबसे ज्यादा फायदेमंद अखरोट खाने से होता है। नट्स में अनसैचुरेटेड फैट मौजूद होता है। शोध बताते हैं कि अनसैचुरेटेड फैट ज्यादा खाने और सैचुरेटेड फैट कम खाने वालों में एंजाइटी का खतरा भी कम होता है। ऑलिव ऑयल, फ्लैक्स सीड और नट्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो दिमागी सेहत को अच्छा बनाए रखने में मदद करते हैं।
दही व अन्य डेयरी प्रोडक्ट-
अच्छे स्वास्थ्य के लिए दही कितना फायदेमंद है, यह तो सब जानते ही हैं। मानसिक स्वास्थ्य को सही रखने में भी दही की अहम भूमिका होती है। प्रोबायोटिक दही तनाव, चिंता और अवसाद कम करने में मदद करती है। मस्तिष्क की सेहत में विटामिन बी12 की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पनीर इसका अच्छा स्रोत है। इसी तरह डेयरी प्रोडक्ट खून में ट्रिप्टोफेन का स्तर बढ़ाते हैं, जिससे अच्छी नींद आती है, जो मानसिक स्वास्थ्य सही रखने के लिए जरूरी है।
चिया सीड्स-
चिया सीड्स में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, हेल्दी फैट और विटामिन बी की प्रचुर मात्रा होती है। मानसिक स्वास्थ्य को सही रखने में इन सभी न्यूट्रिएंट्स की अहम भूमिका है। दैनिक आहार में चिया सीड्स को शामिल करना न्यूरोट्रांसमीटर्स की फंक्शनिंग को सही रखने में मदद करता है। यह सेरोटोनिन का स्राव बढ़ाने में भी मददगार है, जिससे मूड अच्छा होता है। साथ ही इसमें पाया जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड तनाव एवं एंजाइटी के खतरे को कम करता है।
मेंटल हेल्थ को नुकसान पहुंचाती हैं ये चीजें-
जैसे कुछ आहार मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं, उसी तरह कुछ आहार मेंटल हेल्थ को नुकसान भी पहुंचाते हैं। इसमें सबसे पहला नाम है चीनी। चीनी का सेवन दिमाग के लिए अच्छा नहीं है। चीनी का नियमित सेवन डिप्रेशन और एंजाइटी को बढ़ाता है। सफेद ब्रेड भी मानसिक स्वास्थ्य बिगाड़ने और तनाव बढ़ाने में भूमिका निभाता है। इसमें एक अहम नाम कैफीन का भी है। आमतौर पर कई लोग कुछ थकान अनुभव करने पर कॉफी पीते हैं। कॉफी में पाया जाने वाला कैफीन उस समय के लिए तो शरीर में उत्साह भर देता है, लेकिन यदि कॉफी का सेवन ज्यादा किया जाए, तो यह एंजाइटी का कारण बनने लगती है। फास्ट फूड, फ्राइड फूड और प्रोसेस्ड मीट भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक होते हैं।
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