जिंदगी में बड़े बदलाव अचानक से नहीं होते। इनके लिए आपको छोटे-छोटे स्टेप्स लेने होते हैं। जैसे अगर आपने 10 हजार स्टेप्स डेली टहलने का प्लान बनाया है तो खुद से उम्मीद न करें कि पहले दिन ही आप ये टारगेट पूरा कर लेंगे। अगर आप दिमाग को पॉजिटिव फीड देना चाहते हैं तो हमेशा छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं। इनके पूरे होने पर न्यूरॉन्स से डोपामीन रिलीज होता है। यह आपको खुशी का अहसास करवाता है। अगर आपको भी ऐसा लगता है कि जीवन उलझ सा गया है। आप जो चाह रहे हैं उसे अचीव नहीं कर पा रहे तो इन छोटी चीजों से शुरुआत करें…
एक दिन बनाएं पहले बनाएं प्लान
अगर आपको ऐसा लगता है कि दिन के 24 घंटे कम पड़ जा रहे हैं। आपके पास खुद के लिए वक्त नहीं है तो रोजाना शेड्यूल बनाएं। इससे आपका स्ट्रेस कम होगा। चीजों में स्पष्टता रहेगी। नींद और हेल्थ अच्छी रहेगी। साथ ही प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी। इसके लिए हमेशा एक रात पहले ही शेड्यूल बना लें। जो काम ज्यादा इम्पॉर्टेंट हैं उन्हें लिस्ट में प्राथमिकता दें। जैसे किसी काम की डेडलाइन आ रही है तो पहले निपटा लें ताकि आखिरी वक्त पर हौचपौच न हो।
बिस्तर लगाने का पॉजिटिव असर
एक बहुत फेमस किताब है ‘मेक योर बेड’। इसमें बताया गया है कि सुबह उठकर सबसे पहले बिस्तर लगाने का पूरे दिन पर कितना पॉजिटिव असर पड़ता है। ज्यादातर लोगों के लिए यह कोई बड़ा और खास काम नहीं होता है। पर इस किताब में बताया गया है कि कैसे उठकर अपना बिस्तर ठीक कर देने से दिमाग में एक टास्क पूरा करने का सिग्नल जाता है। इससे पूरे दिन की शुरुआत पॉजिटिव होती है। आपको लगता है कि दिन की शुरुआत डिसिप्लिन के साथ हुई। आप भी इसको ट्राई कर सकते हैं। सुबह के लिए कोई छोटा लक्ष्य रखें जिसे आसानी से पूरा किया जा सके।
15 मिनट करना शुरू करें वॉक
लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां अब हर किसी की चिंता बढ़ा रही हैं। ऐक्टिव रहना और एक्सरसाइज करना हमारी हेल्थ के लिए अच्छा है। हेल्थ एक्सपर्ट्स भी रोजाना ब्रिस्क वॉक की सलाह देते हैं। आपके आसपास कई लोग 10 हजार कदम चलने का टास्क पूरा भी कर रहे होंगे। अगर आप नहीं कर पा रहे तो निराश न हों। शुरुआत सिर्फ 15 मिनट से करें। आप 15 मिनट सिर्फ वॉक करने से शुरुआत करें। इस दौरान सूरज को देखें, सुबह की हवा महसूस करें। धीरे-धीरे वॉक की स्पीड बढ़ाएं और ब्रिस्क वॉक करना शुरू करें। फिर आप टाइम बढ़ा सकते हैं। आप एक हफ्ते भी लगातार ऐसा कर लेंगे तो बिना टहले अच्छा नहीं लगेगा। कभी-कभी नंगे पैर टहलें।
बिस्तर पर ही कर लें ब्रीदिंग
हमारा इम्यून सिस्टम, दिल और फेफड़े ठीक रहें इसके लिए डीप ब्रीदिंग जरूरी है। इसको भी रुटीन में शामिल करें। जरूरी नहीं इसके लिए कोई योग क्लास जॉइन करें। ब्रीदिंग या प्राणायाम आप बिस्तर पर बैठकर भी कर सकते हैं। सोकर उठने के बाद बेड पर ही आप ब्रीदिंग एक्सरसाइज कर लें। आपका सारा आलस दूर हो जाएगा फ्रेश फील होगा।
एक ग्लास एक एक्स्ट्रा पानी
अपनी डायट में भी बड़े बदलाव करने से पहले रोज जितना पानी पी रहे हैं उससे 1 ग्लास ज्यादा पानी पीना शुरू करें। सोकर उठने के बाद ही एक ग्लास पानी पी लें क्योंकि रातभर में पानी की कमी हो जाती है। इससे आपका चेहरा भी फ्रेश रहेगा। शरीर में पर्याप्त पानी होने से भी कई इन्फेक्शंस दूर होते हैं साथ ही शरीर के अंग ठीक से काम करते हैं। धीरे-धीरे सुबह,दोपहर और शाम एक-एक ग्लास पानी बढ़ा लें।
लें क्लीन डायट
डायटिंग के बजाय क्लीन डायटिंग शुरू करें। इसमें चीनी और मैदा खाना कम कर दें। धीरे-धीरे बाहर की चीजें कम कर दें। ध्यान रहे कि एकदम से बंद न करें बल्कि कम कर दें। खुद को भूखा न रहने दें। अगर आप टाइम पर घर का बना खाना खाएंगे तो बहुत चांसेज हैं कि आपको बाहर का खाने का मन ही नहीं करेगा। जब हम ज्यादा देर भूखे रहते हैं तब ही तरह-तरह का खाने की क्रेविंग होती है।
हर हफ्ते खाएं कुछ नया हेल्दी
रूटीन में कोई पौष्टिक चीज शामिल करें। जैसे आंवला कैंडी, आंवला चटपटा। इसमें ऐसे ऐंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो हेल्थ और ब्यूटी दोनों के लिए अच्छे होते हैं। हर हफ्ते एक अलग फल खाएं। 2 तरह के ड्राई फ्रूट्स, डार्क चॉकलेट या कुछ भी हेल्दी धीरे-धीरे डायट में शामिल करके देखें।
About The Author






