नई दिल्ली . दिल्ली में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और संक्रमित रोगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट किया गया है. इसी बीच राजधानी पर एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. लेकिन दिल्ली स्वास्थ्य महकमे से एक ऐसी रिपोर्ट आई है जो चौंकाने वाली है. यमुना का जलस्तर बढ़ने और जलजमाव के बाद दिल्ली में टाइफाइड मरीजों की संख्या ज्यादा बढ़ने की रिपोर्ट सामने आई है. सबसे ज्यादा प्रभाव युवा वर्ग और बच्चों पर देखा जा रहा है. चिकित्सकों की मानें तो उनका सलाह है कि डेंगू-मलेरिया के साथ-साथ टाइफाइड को लेकर भी सतर्क रहने की आवश्यकता है.
दिल्ली में आई फ्लू (आंखों का संक्रमण) तेजी से फैल रहा है. खासतौर पर बच्चे इसकी चपेट में तेजी से आ रहे हैं. आई फ्लू में बच्चों को बुखार भी आ सकता है. इसे देखते हुए दिल्ली एम्स ने गुरुवार को दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
संक्रमण के बढ़ने की वजह बाढ़ और मौसम में बदलाव को बताया गया है. एम्स के डॉ. आर.पी सेंटर के अनुसार, आई फ्लू संक्रमण रोग है. संक्रमित होने पर आंखें लाल हो जाती हैं और उनमें सूजन आ जाती है. साथ ही खुजली भी होती है. आंखों से पीले रंग का पीप आता है. बच्चों को आई फ्लू के साथ बुखार भी आ सकता है. उधर, शिक्षा निदेशालय की स्कूल शाखा (स्वास्थ्य) ने भी आई फ्लू की रोकथाम को लेकर एडवाइजरी जारी की है. गौरतलब है कि निजी स्कूल पहले ही अभिभावकों को परामर्श जारी कर चुके है, जिसमें संक्रमित बच्चे को स्कूल न भेजें.
मानसून सीजन में कई ऐसे बैक्टीरिया सक्रिय होते हैं जिससे लोगों का स्वास्थ्य बहुत आसानी से प्रभावित हो सकता है. ऐसे में आसपास साफ-सफाई के साथ-साथ अपने खानपान को बहुत संयमित रखने की आवश्यकता है. वर्तमान समय में खास तौर पर बाहर के रखे खुले खानों को नहीं खाना चाहिए, अगर इलाके में साफ पानी का सप्लाई ना हो तो उबला पानी का ही सेवन करना स्वास्थ्य के लिए ठीक होगा. अधिक तेल मसालों से बने खानों को न खान, इसके अलावा डेंगू मलेरिया चिकनगुनिया मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी, पूरे शरीर ढके कपड़े पहनना व जलजमाव को रोकने संबंधित हर उपाय अपनाने चाहिए. बुखार, पेट दर्द व शरीर में किसी भी प्रकार की समस्या पर चिकित्सक से तुरंत परामर्श लेना बेहद आवश्यक है.
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