नई दिल्ली. 28 जुलाई को हर साल वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मकसद लोगों में इस डेडली डिसीज के बारे में जागरुकता फैलाना है। क्योंकि हेपेटाइटिस के टीके लगने के बावजूद बहुत सारे लोग इस गंभीर संक्रामक बीमारी से ग्रस्त हो जाते हैं। हेपेटाइटिस लीवर में सूजन की बीमारी है जो वायरस या फिर दूसरे कारणों से हो जाती है। आपको जानकर हैरानी होगी अमिताभ बच्चन एक ट्रीटमेंट के दौरान हेपेटाइटिस बी का शिकार हो गए थे। जिसकी वजह से उनका 75 प्रतिशत लीवर खराब हो चुका है। तो आइए जानें आखिर किन लोगों को होता है हेपेटाइटिस बीमारी का खतरा।
हेपेटाइटिस के हैं कई प्रकार
हेपेटाइटिस की बीमारी को कई सारे कैटेगरी में बांटा गया है। जिसमे ए, बी, सी, डी, ई, ऑटोइम्यून और एल्कोहलिक हेपेटाइटिस शामिल है।
सबसे खतरनाक है हेपेटाइटिस सी
हेपेटाइटिस की इतनी सारी बीमारियों सबसे ज्यादा खतरनाक बीमारी हेपेटाइटिस सी है। जिसका असर लंबे वक्त पर शरीर में दिखता है। जब लीवर डैमेज हो जाता या फिर लीवर सिरोसिस, लीवर कैंसर हो जाता है। जिसकी वजह से मरीज की जान चली जाती है।
इन कारणों से होता है हेपेटाइटिस का खतरा
हेपेटाइटिस होने के लिए ये कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।
-ज्यादा समय से शराब की लत हेपेटाइटिस की शिकार बना सकती है।
-कुछ दवाओं के असर से लीवर फंक्शन पर असर पड़ता है और लीवर सूज जाता है। जिसकी वजह से हेपेटाइटिस रोग होने का खतरा रहता है।
हेपेटाइटिस ए और ई का खतरा
गंदे पानी और गंदे विषैले खाने की वजह से हेपेटाइटिस ई और ए होने का खतरा रहता है।
-हेपेटाइटिस बी, सी और डी संक्रामक बीमारी है जो कि ब्लड, बॉडी फ्लूइड, सीमन से एक से दूसरे में फैलती है। इनफेक्टेड इंजेक्शन के इस्तेमाल से हो जाता है।
इन लोगों को होता है हेपेटाइटिस होने का खतरा
-गंदे और विषैले खाने को खाने से हेपेटाइटिस होने का खतरा रहता है।
-इसके अलावा जो लोग हेपेटाइटिस इनफेक्टेड एरिया में जाते हैं उन्हें हेपेटाइटिस बीमारी होने का खतरा होता है।
-रेगुलर ब्लड डोनेट करने वालों में भी हेपेटाइटिस का खतरा होता है।
-बार-बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन से भी ये रोग हो जाता है।
-टैटू और सिरींज के दोबारा इस्तेमाल से भी हेपेटाइटिस होने का खतरा रहता है।
-एचआईवी इंफेक्शन के साथ हेपेटाइटिस होने का खतरा रहता है।
-लंबे समय तक शराब पीने से भी हेपेटाइटिस रोग हो जाता है।
-जिन लोगों कि इम्यूनिटी कमजोर होती है और हेपेटाइटिस ऑटो इम्यून डिसीज है।
हेपेटाइटिस होने के लक्षण
-हेपेटाइटिस होने पर तेज बुखार हो जाता है।
-ज्वॉइंट्स और मसल्स में तेज दर्द
-पेट में दर्द
-हमेशा बीमार होने का एहसास
-कमजोरी
-भूख ना लगना
-उल्टी और चक्कर आना
-डायरिया
-स्किन में खुजली
-स्किन और आंखे पीली हो जाना जैसे पीलिया में होता है
-गहरे पीले रंग की पेशाब
-ग्रे कलर का मल या स्टूल
-पैरों में सूजन
-उल्टी और मल में खून आना
-दिमाग काम ना करना और कंफ्यूज
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