भिलाई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को राजधानी रायपुर में युवाओं से संवाद करते हुए एमए छत्तीसगढ़ी की पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए भर्ती शुरू करने की घोषणा की है। बघेल की इस महत्वपूर्ण घोषणा के प्रति हर्ष जताते हुए चिन्हारी साहित्य समिति भिलाई ने आभार व्यक्त किया है। समिति के अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ी साहित्यकार दुर्गा प्रसाद पारकर ने मुख्यमंत्री बघेल की घोषणा को छत्तीसगढ़ी भाषा के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर बताया है।
पारकर ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने 5 दिन पहले ही 18 जुलाई को संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद के साथ मिल कर समिति की ओर से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सौंपा था। इस दौरान संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत भी उपस्थित थे। इस ज्ञापन में उन्होंने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर पर एक विषय छत्तीसगढ़ी रखने और एमए (छत्तीसगढ़ी) पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग की थी। वहीं एमए (छत्तीसगढ़ी) की पढ़ाई कर चुके युवाओं के लिए सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी और व्याख्याता के पद पर शासकीय नियुक्ति की भी मांग की गई थी। पारकर ने बताया कि इस पर मुख्यमंत्री बघेल ने गंभीरतापूर्वक विचार करने आश्वासन दिया था। इसके बाद अब रविवार को मुख्यमंत्री बघेल ने इसकी घोषणा भी कर दी है। उल्लेखनीय है कि दुर्गा प्रसाद पारकर के प्रयासों से ही रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में एमए (छत्तीसगढ़ी) पाठ्यक्रम शुरू हो पाया है। पारकर चाहते हैं कि समूचे छत्तीसगढ़ में स्नातकोत्तर स्तर पर छत्तीसगढ़ी पाठ्यक्रम शुरू हो। इसलिए वह प्रयासरत हैं।
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