केद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ‘आयुष्मान भव:’ नामक कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आखिरी छोर पर मौजूद व्यक्तियों समेत हर वांक्षित लाभार्थी तक सभी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ बेहतर तरीके से पहुंच सके। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत आयुष्मान आपके द्वार 3.0, आयुष्मान सभा, आयुष्मान मेला और आयुष्मान ग्राम जैसी कुछ गतिविधियों की योजना इस कार्यक्रम के तहत बनाई गई है।
एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, इस अभियान का उद्देश्य सभी स्वास्थ्य योजनाओं का व्यापक और पूरी तरह से कवरेज सुनिश्चित करना है, ताकि प्रत्येक पात्र लाभार्थी इसका लाभ उठाने में सक्षम हो सके। सूत्रों ने कहा, आयुष्मान आपके द्वार एक और दो अभियान सफलतापूर्वक संचालित किए गए हैं। अब आयुष्मान आपके द्वार 3.0 के तहत पूर्ण विस्तार (saturation) सुनिश्चित करने के लिए एक अगस्त से सघन अभियान शुरू होगा। उन्होंने कहा कि आयुष्मान सभा केंद्र और राज्य सरकारों की सभी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ लक्षित लाभार्थियों तक सुनिश्चित करने के लिए ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण समिति के नेतृत्व में एक ग्राम-स्तरीय अभियान शुरू होगा। उन्होंने कहा कि इससे प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) स्वास्थ्य बीमा योजना कार्डों के महत्व और उनके वितरण एवं आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (एबीएचए) नंबर तैयार करने के बारे में जागरूकता भी बढ़ेगी।
यह अभियान लोगों को स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के माध्यम से गैर-संचारी रोगों (Non-communicable diseases) और सिकल सेल रोग (sickle cell disease) के लिए स्क्रीनिंग सेवाओं के उपयोग के महत्व के बारे में और क्षय रोग (Tuberculosis) के उन्मूलन जैसे संचारी रोगों के बारे में जागरूक करने में भी मदद करेगा। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि ये ग्राम सभाएं प्रजनन और बाल स्वास्थ्य मुद्दों, टीकाकरण, पोषण और एनीमिया के बारे में जागरूकता पैदा करने में भी मदद करेंगी। इसके अलावा, वे एबी-एचडब्ल्यूसी (AB-HWCs) में प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित अपने मुद्दों और चिंताओं को व्यक्त करने के लिए समुदाय के प्रति स्वास्थ्य प्रणालियों की सामाजिक जवाबदेही को बढ़ावा देंगे। प्रत्येक गांव में आयुष्मान सभाएं आयोजित की जाएंगी जहां पीएमजेएवाई कार्ड वितरित किए जाएंगे और क्षेत्र में पीएमजेएवाई पैनल वाले अस्पतालों के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत उपचार के सभी पैकेजों का लाभ उठाया जा सकता है। आयुष्मान भव: कार्यक्रम का तीसरा स्तंभ आयुष्मान मेला, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों (एबी-एचडब्ल्यूसी) के स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इसके तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।
सूत्र ने कहा, सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में 705 मेडिकल कॉलेज हैं। इसलिए प्रत्येक मेडिकल कॉलेज सालाना लगभग 50 चिकित्सा शिविर आयोजित कर सकता है और कम से कम 300-400 ओपीडी उपचार का लक्ष्य रख सकता है। सभी मेडिकल कॉलेज मिलकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रति व्यक्ति कैमो मोड (Camo Mode) में कम से कम 1.25-1.5 करोड़ मरीजों को इलाज देने में सक्षम हो सकते हैं। आयुष्मान मेलों का उद्देश्य स्वस्थ व्यवहार के बारे में जागरूकता पैदा करना और स्क्रीनिंग के माध्यम से शीघ्र निदान प्रदान करना, दवाओं और निदान के साथ व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ टेलीकंसल्टेशन और देखभाल की निरंतरता के लिए हाशिए पर रहने वाले लोगों पर विशेष ध्यान देने के साथ उचित रेफरल प्रदान करना होगा। इनका उपयोग नियमित टीकाकरण, एनसीडी स्क्रीनिंग, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल, बुजुर्ग देखभाल सेवाओं सहित अन्य के लिए भी किया जाएगा। इन्हें साप्ताहिक आधार पर आयोजित किया जा सकता है।
आधिकारिक सूत्र ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन लोगों तक पहुंचना है जो विशेष स्वास्थ्य सेवाओं से बाहर हैं। साथ ही उन ब्लॉक स्तर तक विशेष चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। चौथे स्तंभ आयुष्मान ग्राम की परिकल्पना पीएमजेएवाई कार्ड वितरण, एबीएचए आईडी निर्माण, टीकाकरण कवरेज, एनसीडी स्क्रीनिंग सहित अन्य का 100 फीसदी कवरेज हासिल करने के लिए की गई है। सूत्र ने कहा, जो भी गांव सभी योजनाओं से परिपूर्ण हो सकेगा, उसे आयुष्मान ग्राम घोषित किया जाएगा और प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
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