रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने साधु और बाबा का रूप धारण कर घरेलू समस्याओं और बीमारी को दूर करने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये ठगने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। गंज थाना पुलिस ने इस मामले में एक मुख्य आरोपी और एक विधि से संघर्षरत बालक (किशोर) को दबोचने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने इनके पास से लगभग 3 लाख रुपये कीमत के सोने के जेवर और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
ऐसे दिया था वारदात को अंजाम
गंज थाना क्षेत्र के फाफाडीह स्थित जयलक्ष्मी कॉम्प्लेक्स निवासी प्रार्थी जसवंत परमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि इसी साल मार्च के महीने में कुछ अज्ञात लोग साधु के भेष में उनके घर आए थे। उन्होंने प्रार्थी की पत्नी की बीमारी और घरेलू परेशानियों के बारे में ऐसी बातें कहीं जिससे महिला का उन पर भरोसा बैठ गया।
इसके बाद ठगों ने पूजा-पाठ और अनुष्ठान कराने के नाम पर पहले एक सोने की अंगूठी और नकदी ऐंठी। कुछ दिनों बाद वे दोबारा घर आए और जेवरात लौटाने का झांसा देकर सोने की चेन समेत अन्य आभूषण भी ले उड़े। ठगों ने परिवार को डराया था कि अगर इस बारे में किसी को बताया तो उनके पूरे परिवार के साथ अनिष्ट हो जाएगा।
बीती 7 सितंबर 2026 से जब आरोपियों ने फोन कर और अधिक पैसों व गहनों की मांग शुरू की, तब पीड़ित परिवार को ठगी का अहसास हुआ। आरोपियों ने न तो कोई पूजा-पाठ कराई और न ही गहने वापस किए। इस तरह साधु बने ठगों ने कुल करीब 15 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषणों और नकदी की धोखाधड़ी की। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी सुराग…
घटना की गंभीरता को भांपते हुए रायपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में गंज थाना पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने ग्वालियर (मध्य प्रदेश) निवासी मुख्य आरोपी गुरुदयाल सिंह उर्फ दल्लू और एक विधि से संघर्षरत बालक को धर दबोचा। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस ठगी को अंजाम देने की बात कबूल कर ली है।
बरामदगी और आगे की तलाश
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से ठगी किए गए 17 ग्राम सोने के आभूषण (कीमत करीब 3 लाख रुपये) और घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त कर लिया है।
इस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन्होंने इसी तरह और किन-किन लोगों को अपना शिकार बनाया है।





