रायपुर। मिनी स्टील प्लांट उद्योग अनियमित विद्युत कटौती/लोड शेडिंग से जूझ रहे हैं. संचालन की आ रही परेशानियों के बीच छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन की ओर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग को पत्र लिखा है, जिसमें सितम्बर एवं अक्टूबर माह के लोड फैक्टर गणना एवं डिमांड चार्ज में छूट तथा लोड शेडिंग को शेड्यूलिंग करने की मांग की है.
छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन के महासचिव मनीष धुप्पड़ ने पत्र के जरिए बताया कि मिनी स्टील प्लांट उद्योगों में कार्यरत्त इस्पात निर्माण की विद्युत आपूर्ति के कारण अत्यधिक आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं, क्योंकि लगातार विद्युत कटौती/ लोड शेडिंग से उत्पाद माल पूर्ण तैयार नहीं हो पाता. पुनः उसे तैयार करने में फिर से उतना ही बिजली, मजदूरी एवं मशीनों को कार्य लेना पड़ रहा है, जिससे अत्यधिक वित्तीय भार का सामना करना पड़ रहा है। इससे शासन को भी राजस्व को नुकसान हो रहा है, और रोजगार तथा उद्योगों को करोड़ो रूपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है.
चूंकि मिनी स्टील प्लांट लगातार चलने वाले उद्योग हैं, ऐसे में अघोषित बिजली कटौती / लोड शेडिंग से लोड फैक्टर प्रोत्साहन से वंचित होना पड़ रहा है. इसके साथ मिनी स्टील प्लांट उद्योगों को डिमांड चार्ज भी प्रति यूनिट 60-65 पैसे से बढ़कर प्रति यूनिट लगभग 1.20 -125 रूपए पहुंच जा रहा है. ऐसी स्थिति मिनी स्टील प्लांट उद्योगों को अत्यधिक वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी को विद्युत कटौती नहीं करने के साथ विद्युत खरीद कर आपूर्ति करने की मांग की है.
इसके साथ सितम्बर माह में विद्युत कटौती को आपातकालीन असमान्या स्थित घोषित करते हुये लोड फैक्टर में राहत (Relief) देते हुए सितम्बर माह के अघोषित पॉवर आवर्स को अतिरिक्त 120 घंटों का छूट प्रदान किया जाये. अक्टूबर में भी जो 12 तारीख तक लगभग 126 घंटे अघोषित विद्युत कटौती की गई है, तथा आगे भी अघोषित विद्युत कटौती को देखते हुए आपातकालीन असमान्या स्थित घोषित करते हुये अक्टूबर माह में पॉवर आवर्स को अतिरिक्त 240 घंटों का छूट प्रदान किया जाए.
इसके अलावा मिनी स्टील प्लांट उद्योगों का डिंमाड चार्ज जो प्रति यूनिट 60-65 पैसे लगाता था, वह सितम्बर एवं अक्टूबर माह में विद्युत कटौती के कारण डिमांड चार्ज बढ़कर प्रति यूनिट लगभग 1.20 – 1.25 रूपये पहुंच रहा है, इस पर भी अवश्य छूट दी जाए. छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने सारे उद्योगों को 12 ग्रुप में बांटा है, और वो सभी 12 ग्रुपों की चाहे 33 केवी या 132 केवी हो सभी का बराबर शेड्यूलिंग बनाकर विद्युत कटौती किया जाए.





