अमलेश्वर । मां काली का विशाल रूप हमेशा से ही भक्तों के लिए गहरी आस्था और असीम आकर्षण का केंद्र रहा है। मां काली को शक्ति, साहस और दुष्टों के संहार की देवी माना जाता है। नवरात्रि के पावन अवसर पर अमलेश्वर के तिरंगा चौक में विराजे मां काली की विशाल प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। रायपुर सहित आसपास के गांवों से भक्तगण लगातार दर्शन के लिए आ रहे है।
विशालकाय प्रतिमा मूर्तिकार महीनों की कड़ी मेहनत से माता की कई फीट ऊंची जीवंत प्रतिमा तैयार किया है। जिसका रूप देखते ही बनता है। दिव्य आभा माता के क्रोध और ममता के अद्भुत संगम को दर्शाती आंखें भक्तों को अपनी ओर खींच लेती हैं।अद्भुत श्रृंगार माता का श्रृंगार, उनके हाथों में शोभायमान अस्त्र-शस्त्र और गले में मुंडमाला का चित्रण बेहद सजीव और आकर्षण है, मां काली की विशाल प्रतिमा को जीवंत रूप देने में ग्राम औरी के गिरधर चक्रधारी का हाथ है जिन्होंने अपने हाथों से मां काली की प्रतिमा को जीवंत रूप प्रदान किया। गिरधर चक्रधारी मूर्ति कला में जाना पहचाना नाम है जो रायपुर सहित छत्तीसगढ़ कई स्थानों में जीवंत प्रतिमा का निर्माण किया है।
न्यू स्टार सहारा देव दुर्गा उत्सव समिति के संस्थापक और संरक्षक धर्मेंद्र साहू ने बताया लगातार 24 वर्षों से तिरंगा चौक में दुर्गा उत्सव का आयोजन करते आ रहे है इस बार उन्होंने कुछ अलग करते हुए मां काली का विशाल रूप रखा है जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का बना हुआ है । समिति के संस्थापक धर्मेंद्र साहू ने बताया कि नवरात्रि के पावन अवसर पर रोज शाम को अलग-अलग संस्थाएं माँ काली की सेवा में लगातार भजन और सेवा गीत, जस गीत गाकर नवरात्रि का उत्सव मना रहे है। जिसमें महिलाओं की सेवा जस मंडली लगातार अपनी प्रस्तुति दे रही हैं। आलम यहां है की रायपुर सहित आसपास के गांव से लोग लगातार मां काली के दर्शन के श्रद्धालु उमड़ रहे हैं श्रद्धा भक्ति का ताना-बाना मां काली के विशाल रूप को देखते ही बनता है।





