रायपुर के विधानसभा रोड पर एससी-एसटी युवाओं के निर्वस्त्र प्रदर्शन पर बीजेपी ने राज्य सरकार को घेरा है। इस मामले को लेकर बीजेपी ने अंबेडकर चौक से राजभवन तक मार्च किया। इसके बाद राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर राज्य सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। इस मार्च में सांसद सुनील सोनी, सीनियर विधायक बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर, धरमलाल कौशिक, संजय श्रीवास्तव समेत बीजेपी के नेता शामिल हुए। अंबेडकर चौक पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद बीजेपी विधायक दल ने राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन को ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ हुए नग्न प्रदर्शन की घटना पर संज्ञान लेकर सरकार को तत्काल बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की। बीजेपी विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विधानसभा मार्ग पर नग्न प्रदर्शन की इस घटना से छत्तीसगढ़ शर्मसार हुआ है। कांग्रेस सरकार की अकर्मण्यता के कारण युवाओं में उपजा आक्रोश नग्न प्रदर्शन की हद तक पहुंच गया। छत्तीसगढ़ को शर्मसार करने वाली इस घटना में प्रदेश के युवाओं ने पूरी तरह से नग्न होकर विधानसभा के रास्ते पर प्रदर्शन किया। यह दुर्भाग्यजनक घटना न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि भारत के इतिहास में ही अपनी तरह की अकेली घटना है। इस घटना से छत्तीसगढ़ के लोग शर्मसार हैं। युवाओं ने इस प्रदर्शन की सूचना पहले ही शासन-प्रशासन को दे दी थी। बावजूद इसके शासन ने जरा-सी संवेदना दिखाने की जरूरत नहीं समझी। ये युवा फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे उनका अधिकार छीने जाने का विरोध कर रहे थे, लेकिन इनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। भाजपा विधायक दल ने अपने ज्ञापन में कहा कि युवाओं की मांग पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए उसका शीघ्र निराकरण किया जाय और फर्जी प्रमाण पत्र धारियों के खिलाफ एफआईआर हो। नग्न प्रदर्शन के लिए गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारी युवाओं को तुरंत नि:शर्त रिहाई की मांग भी की गई। पूर्व सूचना के बावजूद इस दु:खद मामले की उपेक्षा करने वाले शासन-प्रशासन के लोगों की जिम्मेदारी तय हो और उन्हें भी दंडित किया जाए।
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