7.48 करोड़ की एसटीपी परियोजना को मिली मंजूरी
अमलेश्वर। नगर पालिका परिषद अमलेश्वर ने शहर के समग्र विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। नगर को स्वच्छ, हरा-भरा और नागरिकों को स्वस्थ वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से मान. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के मंशा अनुरूप छत्तीसगढ़ शासन के राज्य शहरी विकास अभिकरण द्वारा 748.36 लाख की लागत से आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के क्रियान्वयन हेतु नगर पालिका परिषद द्वारा निविदाएं भी आमंत्रित कर ली गई हैं।
एसटीपी का मुख्य उद्देश्य शहर के गंदे पानी को वैज्ञानिक विधि से उपचारित कर पुनः उपयोग योग्य बनाना है। दुर्ग सांसद विजय बघेल के मार्गदर्शन तथा जिला प्रशासन के विशेष सहयोग से परियोजना के लिए खसरा नंबर 137/1, 671/2 एवं 530 में कुल 1.05 हेक्टेयर भूमि का आवंटन कार्य पूर्ण हो चुका है। इस प्रस्तावित स्थल पर 1.70 एमएलडी की कुल क्षमता वाले 03 एसटीपी प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव द्वारा इस योजना की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। नवगठित निकाय होने के नाते नगर पालिका अध्यक्ष दयानंद सोनकर ने अमलेश्वर के अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामों को इस सुविधा का लाभ दिलाने हेतु सर्वेक्षण एवं विस्तृत प्रस्ताव तैयार कराने में अग्रणी भूमिका निभाई।एसटीपी के अतिरिक्त, नगर पालिका ने 101.00 लाख की लागत से मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी प्लांट का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है, जो शहर को ‘जीरो वेस्ट’ बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। इस एमआरएफ प्लांट के माध्यम से कचरे का वैज्ञानिक पृथक्कीकरण, रीसाइक्लिंग और पुनर्चक्रण संभव होगा। इससे प्लास्टिक एवं जैविक कचरा लैंडफिल साइट तक नहीं पहुंचेगा, जिससे जल, थल और वायु प्रदूषण में भारी कमी आएगी। साथ ही, इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर नए रोजगार का सृजन भी होगा। नगर पालिका परिषद अमलेश्वर ने समस्त नगरवासियों से आग्रह किया है कि वे घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को पृथक-पृथक करके दें, ताकि शहर को पूर्णतः कचरा-मुक्त और जीरो वेस्ट बनाया जा सके।







