दुर्ग-भिलाई, छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से सामने आए बेहद गंभीर रेप और हत्या के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। 6 साल की मासूम भतीजी से दुष्कर्म और उसकी हत्या के दोषी सगे चाचा को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। करीब डेढ़ साल तक चली जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।
मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी चाचा ने बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसका गला घोंट दिया था। इसके बाद उसने शव को पड़ोसी की कार की डिक्की में छिपा दिया। बताया गया कि आरोपी की पड़ोसी से पुरानी रंजिश थी।
बच्ची को ढूंढने का करता रहा नाटक
वारदात के बाद आरोपी ने ऐसा व्यवहार किया, जिससे शुरुआत में किसी को उस पर शक नहीं हुआ। बताया गया कि वह करीब तीन घंटे तक परिजनों और पुलिस के साथ बच्ची को तलाशने का नाटक करता रहा।
इसी दौरान वह बार-बार उस कार के पास जाता और कार पर हाथ फेरता था। पुलिस को उसके व्यवहार पर संदेह हुआ। इसके बाद जब कार की डिक्की खोली गई तो उसमें बच्ची मिली।
रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय बच्ची की सांसें चल रही थीं। पुलिस और परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
पूछताछ में बदलते रहे बयान
बच्ची के शव के मिलने के बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर उसके चाचा को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा।
पुलिस के अनुसार, सख्ती से पूछताछ किए जाने के बाद आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया। हालांकि, घटना के शुरुआती दौर में परिवार के कुछ लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे और चाचा को गलत तरीके से फंसाने का आरोप लगाया था।
DNA और साइंटिफिक जांच से मजबूत हुआ केस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच को वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाया। जांच में DNA साक्ष्य, वैज्ञानिक जांच और गवाहों के बयान अहम रहे।
पुलिस ने मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया था। टीम ने अलग-अलग साक्ष्यों को जुटाकर केस की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया।
जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मजबूत मामला तैयार किया। इसके बाद अदालत में सुनवाई चली और करीब 17 महीने बाद आरोपी को दोषी करार दिया गया।
17 महीने में आया फैसला
इस मामले में पुलिस की जांच और अदालत की सुनवाई के बाद अब दोषी चाचा को फांसी की सजा सुनाई गई है। मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और हत्या की गंभीरता को देखते हुए अदालत का यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और परिवार के भीतर मौजूद भरोसे के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बच्ची की हत्या के बाद इलाके में भी गहरा आक्रोश था।
मामले की प्रमुख बातें:
- 6 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या का मामला।
- आरोपी बच्ची का सगा चाचा था।
- बच्ची का शव पड़ोसी की कार की डिक्की में मिला।
- पुलिस के मुताबिक आरोपी कुछ समय तक बच्ची को तलाशने का नाटक करता रहा।
- जांच में DNA और वैज्ञानिक साक्ष्यों का इस्तेमाल किया गया।
- मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय SIT बनाई गई थी।
- करीब 17 महीने बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
- अदालत ने दोषी चाचा को फांसी की सजा सुनाई।
यह मामला दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में लंबे समय तक चर्चा में रहा। अदालत के फैसले के बाद अब इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण महत्वपूर्ण होंगे।







