अमलेश्वर। दुर्ग।अंतरराष्ट्रीय कराते खिलाड़ी योगलता सोनवानी (भूमि) स्वर्ण पदक विजेता भूटान ने पिछले दिनों दुर्ग कलेक्टर से मुलाकात की । भूमि सोनवानी ने बताया कि विदेश मे आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कराते प्रतियोगिता को लेकर मेरा तैयारी और अनुभव के सम्बन्ध में जानकारी ली।

योगलता सोनवानी (भूमि ) ने बताया कि कराते कैरियर की शुरुआत 6 साल पहले किया 9 साल की उम्र में इन्टरनेशनल कराते मार्शल आर्ट स्कूल ज्वाइन किया। जहाँ इन्टरनेशनल कराते मास्टर एवं फिल्म फाईट मास्टर नीलकंठ साहू से कराते के साथ साथ सावलिन कुंंगफू वुशु, थाई किक बॉक्सिंग, ताइक्वांडो, बुमेन्स सेल्फ डिफेंस, जुंबा डान्स, फिटनेस योगा,मेडीटेशन और स्कुल गेम्स आदि का प्रशिक्षण लिया। जिसके बाद मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण प्राप्त करके पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, खेल विभाग द्वारा आयोजित कराते प्रशिक्षण शिविर में मास्टर ट्रेनर के रूप में कराते का प्रशिक्षण दे चुकी है और महासमुंद जिला प्रशासन द्वारा कई सम्मानित हो चुकी है। प्रदेश के स्कूल कालेज संस्था समुहों में अभी तक लगभग 15 हजार लोगों को कराते और सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण दे चुकी है वर्तमान में बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने कराते सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण दे रही है।

भूमि सोनवानी ने बताया कि प्रशिक्षण की सबसे बड़ी खासियत जापानी शैली काता और कुमेते है, जिसमें एक अकेले ही आदमी 10 से 15 हमलावरों का मुकाबला कर उन्हें पल भर में धराशायी कर सकता। किहोन, इम्पी और और बुंकाई जैसी तकनीकी विधाओं का गहन उंगली को खतरनाक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें गैरी, जुकी, उके, डाची, अभ्यास कराया जा रहा है। इसमें बिना किसी पारंपरिक हथियार के, केवल दुपट्टा, चाबी और हेयर पिन जैसी सामान्य चीजों का उपयोग कर आत्मरक्षा करने और अपराधी को घायल करने के गुर सिखाए जा रहे हैं।

मार्शल आर्ट न केवल खुद को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं, बल्कि शरीर की फिटनेस के साथ मानसिक एकाग्रता भी बढ़ती है। कराते फाइटिंग ही नहीं, योग और मेडिटेशन का भी संगम है। उन्होंने बताया कि खिलाड़ी भारी उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे और लगातार इसकी संख्या बढ़ती जा रही है।







