दुर्ग। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल के बीच दुर्ग जिले के तीन बड़े नगर निगमों के वार्डों का आरक्षण तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरोदा नगर निगम के वार्डों का आरक्षण 9 सितंबर 2026 को तय किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने इसके लिए औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। आरक्षण की प्रक्रिया छत्तीसगढ़ नगर पालिका (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के लिए वार्डों का आरक्षण) नियम, 1994 के प्रावधानों के तहत पूरी की जाएगी।
वार्ड आरक्षण की तारीख सामने आने के बाद स्थानीय राजनीति में भी हलचल बढ़ने की उम्मीद है। आरक्षण की तस्वीर स्पष्ट होने के बाद संभावित पार्षद प्रत्याशियों की चुनावी रणनीति भी बदल सकती है।
9 सितंबर को होगा वार्ड आरक्षण
जिला प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार तीनों नगर निगमों के वार्डों का आरक्षण 9 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
इसके लिए भिलाई के सेक्टर-6 स्थित कला मंदिर (सिविक सेंटर) को स्थल निर्धारित किया गया है। आरक्षण की प्रक्रिया अलग-अलग समय पर पूरी होगी।
तीनों नगर निगमों का शेड्यूल
- भिलाई नगर निगम: सुबह 11:00 बजे
- रिसाली नगर निगम: दोपहर 3:00 बजे
- भिलाई-चरोदा नगर निगम: शाम 5:00 बजे
- स्थान: कला मंदिर, सेक्टर-6, भिलाई
इस दौरान संबंधित नगर निगमों के वार्डों के लिए आरक्षण की कार्यवाही निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएगी।
किन वर्गों के लिए होगा आरक्षण?
वार्डों के आरक्षण में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए निर्धारित प्रावधानों को लागू किया जाएगा।
आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस नगर निगम के कौन से वार्ड किस वर्ग के लिए आरक्षित होंगे।
आरक्षण से बदल सकती है कई नेताओं की रणनीति
नगर निगम चुनाव में वार्ड आरक्षण का सीधा असर स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर पड़ता है। किसी वार्ड के सामान्य, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने के बाद संभावित प्रत्याशियों की स्थिति बदल सकती है।
इसी वजह से 9 सितंबर को होने वाली आरक्षण प्रक्रिया पर राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे स्थानीय नेताओं की नजर रहेगी।
भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरोदा पर खास नजर
दुर्ग जिले के इन तीनों नगर निगमों का स्थानीय राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान है। बड़ी आबादी और प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां होने वाले नगरीय चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों में पहले से ही सक्रियता रहती है।
आरक्षण की तस्वीर सामने आने के बाद संभावित उम्मीदवार अपने-अपने वार्डों में चुनावी गतिविधियां तेज कर सकते हैं।
प्रशासन ने जारी किया औपचारिक आदेश
कलेक्टर अभिजित सिंह ने आरक्षण प्रक्रिया के लिए औपचारिक आदेश जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि नगरीय निकायों में निष्पक्ष और पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
आरक्षण प्रक्रिया के दौरान संबंधित वार्डों का वर्गवार निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद चुनावी तैयारियों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
9 सितंबर को किसे मिलेगा मौका?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि तीनों नगर निगमों में कौन से वार्ड किस वर्ग के लिए आरक्षित होंगे। खासकर ऐसे वार्ड जहां लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशी सक्रिय हैं, वहां आरक्षण का परिणाम राजनीतिक समीकरण बदल सकता है।
9 सितंबर को होने वाली वार्ड आरक्षण प्रक्रिया के बाद भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरोदा की चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।
नजर रखें इन तारीख और समय पर
9 सितंबर 2026 — कला मंदिर, सेक्टर-6, भिलाई
- सुबह 11 बजे — भिलाई नगर निगम
- दोपहर 3 बजे — रिसाली नगर निगम
- शाम 5 बजे — भिलाई-चरोदा नगर निगम
आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित वार्डों के लिए चुनावी दावेदारी और राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।







