जगदलपुर। बस्तर जिले में नकली खाद को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। किसानों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि 1,350 रुपये कीमत वाला खाद उन्हें निजी दुकानों से 2,000 रुपये में खरीदना पड़ा, लेकिन उसकी गुणवत्ता बेहद खराब निकली।

किसानों का दावा है कि खाद में मिलावट है और इसका असर फसलों पर नहीं दिख रहा है, जिससे सैकड़ों किसान प्रभावित हुए हैं। किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस प्रदर्शन में किसानों को कांग्रेस का भी समर्थन मिला।
वहीं कृषि विभाग का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित खाद का नमूना जांच के लिए भेज दिया गया है और संबंधित दुकान पर उर्वरक की बिक्री पर 21 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। विभाग प्रभावित किसानों की सूची भी तैयार कर रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक, यदि जांच में खाद अमानक पाया जाता है, तो कंपनी और वितरक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मुआवजे पर फैसला जांच रिपोर्ट और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद लिया जाएगा।



