रानीतराई। दुर्ग। दुर्ग जिले के अंतर्गत स्थित स्वर्गीय दाऊ रामचंद्र साहू शासकीय महाविद्यालय, रानीतराई में नया भवन बनकर तैयार हो चुका है और उसका लोकार्पण भी हो गया है, लेकिन इसके बावजूद विद्यार्थियों को परीक्षा संबंधी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को आज भी अपनी परीक्षाएं देने के लिए शासकीय चंदूलाल चंद्राकर महाविद्यालय, पाटन जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार महाविद्यालय प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय को परीक्षा केंद्र स्वीकृत करने के लिए लिखित आवेदन भेजकर आवश्यक मांग की जा चुकी है। प्रशासन ने अपने स्तर पर सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए महाविद्यालय में ही परीक्षा आयोजित कराने का आग्रह किया है, लेकिन विश्वविद्यालय से अब तक अनुमति नहीं मिलने के कारण आगामी जुलाई माह में होने वाली परीक्षाएं भी पाटन केंद्र में आयोजित होने की संभावना जताई जा रही है।
इस स्थिति से विद्यार्थियों में नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि जब महाविद्यालय का भवन तैयार होकर लोकार्पित हो चुका है और नियमित कक्षाएं संचालित हो रही हैं, तब भी उन्हें परीक्षा देने के लिए दूसरे महाविद्यालय जाना पड़ रहा है। गौरतलब है कि महाविद्यालय की स्थापना के बाद से भवन के अभाव में छात्र-छात्राओं को पाटन जाकर परीक्षा देनी पड़ती थी, लेकिन अब भवन उपलब्ध होने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
रानीतराई महाविद्यालय में धमतरी जिले सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से कई छात्रों को परीक्षा देने के लिए 20 से 25 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ती है। इससे समय, धन और श्रम की अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।
विद्यार्थियों एवं पालकों ने उच्च शिक्षा विभाग से जल्द से जल्द रानीतराई महाविद्यालय को परीक्षा केंद्र की मान्यता प्रदान करने की मांग की है। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी इस विषय को गंभीरता से लेते हुए छात्र हित में पहल करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि परीक्षा केंद्र की सुविधा मिलने से हजारों विद्यार्थियों को राहत मिलेगी और शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।





