लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण पर जोर
कृषि विभाग के मैदानी अमला फील्ड में रहें
किसानों को खाद-बीज की कमी न हो – कलेक्टर
महासमुंद, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10 बजे से समय सीमा की बैठक में सुशासन तिहार, राजस्व प्रकरण और खाद-बीज के वितरण को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अविवादित खाता विभाजन, सीमांकन जैसे प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। प्रत्येक राजस्व अधिकारी मंगलवार और बुधवार को कोर्ट केस की सुनवाई करें। उन्होंने कहा कि एक वर्ष से लंबित प्रकरणों पर विशेष जोर देवें। इसके अलावा विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। शासन के निर्देशानुसार बैठक वर्चुअल मोड में हुआ। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू उपस्थित थे तथा सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ सहित जिला स्तरीय अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े रहे।
बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह नेे सुशासन तिहार के सफल आयोजन के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी तथा कहा कि प्राप्त आवेदनों के निराकरण की जानकारी संबंधित आवेदकों तक अनिवार्य रूप से पहुंचाई जाए, ताकि आमजन को शासन की पहल का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि लंबित आवेदनों एवं शिकायतों का निराकरण आगामी शुक्रवार तक प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में 30 जून तक संचालित “खेती बचाओ अभियान” के संबंध में समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कृषि विभाग के मैदानी अमले, ग्रामीण कृषि विकास विस्तार अधिकारी गांवों में जाकर किसानों को जागरूक करने कहा गया। उन्होंने किसानों को शासन द्वारा निर्धारित यूरिया एवं डीएपी खाद की मात्रा वितरण करने तथा खाद भंडारण का नियमित भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि नैनो यूरिया एवं प्राकृतिक खाद को भी प्रोत्साहित करने किसानों के लिए जागरूकता अभियान चलाएं। जो किसान यूरिया लेने सहकारी समितियों में पहंुच रहें हैं, उन्हें यूरिया प्रदान करें। कलेक्टर ने कहा कि सभी विकास विस्तार अधिकारी किसानों के बीच यूरिया और डीएपी के विकल्पों के बारे में भी किसानों का जागरूक करें। साथ ही खाद वितरण और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि शेष आवासों के निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करते हुए लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि महासमुंद जिले में वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक कुल 1 लाख 32 हजार 538 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 1 लाख 12 हजार 904 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जो कुल स्वीकृत आवासों का 85.19 प्रतिशत है।
बैठक में कलेक्टर ने सभी एसडीएम को सेवा सेतु केन्द्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र समय-सीमा में बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के हितग्राहियों का एग्रीस्टैक से शत-प्रतिशत लिंकिंग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। कलेक्टर ने राजस्व एवं कृषि विभाग के मैदानी अमले, आरईएओ को नियमित रूप से फील्ड में उपस्थित रहकर किसानों से संपर्क बनाए रखने तथा एग्रीस्टैक पंजीयन, ई-केवाईसी एवं अन्य कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की सतत निगरानी के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार ई-फाइल प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू हो गई है तथा मैनुअल फाइल संचालन प्रतिबंधित रहेगा। सभी विभागों को इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा गया।
बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया। साथ ही बैठक में पेयजल, जनशिकायत, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।





