भिलाईनगर, 24 जुलाई। दुर्ग जिले के भिलाई सेक्टर-7 स्थित एक शासकीय उचित मूल्य दुकान में हजारों क्विंटल चावल की कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। खाद्य विभाग की जांच में 1007.51 क्विंटल अरवा चावल का स्टॉक गायब मिलने के बाद पुलिस ने राशन दुकान के संचालक एवं अध्यक्ष धनंजय सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है। मामले ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खाद्य विभाग की शिकायत पर भिलाईनगर पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। प्रारंभिक जांच और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच
ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चंद्रा के अनुसार, कलेक्टर (खाद्य शाखा) के निर्देश पर खाद्य निरीक्षक ने 22 जुलाई को थाना भिलाईनगर में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में सेक्टर-7 मार्केट स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान (दुकान आईडी-431004118) के अध्यक्ष धनंजय सिंह राजपूत और विक्रेता नमिता सिन्हा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।
जांच में खुली बड़ी गड़बड़ी
जांच समिति ने दुकान के अभिलेखों, ऑनलाइन रिकॉर्ड और उपलब्ध खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन किया।
जांच के दौरान टीम को—
- वितरण पंजी मिली।
- चावल उत्सव पंजी उपलब्ध मिली।
- बैठक पंजी और बारदाना पंजी भी मिली।
- लेकिन सबसे महत्वपूर्ण स्टॉक पंजी उपलब्ध नहीं थी।
अध्यक्ष ने जांच दल को बताया कि स्टॉक पंजी विक्रेता के पास है, लेकिन जांच के समय वह प्रस्तुत नहीं की जा सकी।
1034 क्विंटल होना था, मिला सिर्फ 26.50 क्विंटल
भौतिक सत्यापन के दौरान जांच टीम को दुकान में केवल 26.50 क्विंटल चावल मिला।
जबकि ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार उसी समय दुकान में 1034.01 क्विंटल चावल उपलब्ध होना चाहिए था।
इस प्रकार कुल 1007.51 क्विंटल अरवा चावल की कमी सामने आई।
जांच अधिकारियों ने जब इस भारी अंतर के संबंध में अध्यक्ष से पूछताछ की, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
खाद्य विभाग की शिकायत के आधार पर भिलाईनगर पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत अपराध दर्ज किया।
पुलिस ने दस्तावेजों की जांच, रिकॉर्ड का मिलान और अन्य साक्ष्य एकत्र करने के बाद आरोपी संचालक धनंजय सिंह राजपूत (63 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गायब हुआ खाद्यान्न कहां गया और इसमें अन्य लोगों की भूमिका रही या नहीं।
जांच के मुख्य बिंदु
- सेक्टर-7 स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में अनियमितता का मामला।
- ऑनलाइन रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर।
- 1007.51 क्विंटल चावल गायब मिला।
- स्टॉक पंजी जांच के दौरान उपलब्ध नहीं कराई गई।
- आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज।
- दुकान संचालक धनंजय सिंह राजपूत गिरफ्तार।
- पुलिस और खाद्य विभाग मामले की विस्तृत जांच में जुटे।
आगे क्या होगा?
अब जांच एजेंसियां दुकान के स्टॉक रिकॉर्ड, वितरण प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच करेंगी। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कथित हेराफेरी कितने समय से चल रही थी और इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली को कितना नुकसान हुआ।





