बिलासपुर। जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाकर कुल 8 वाहनों को जब्त किया है। जब्त किए गए वाहनों में 2 हाइवा और 6 ट्रैक्टर-ट्रॉली शामिल हैं, जो अवैध रूप से रेत, मुरुम, गिट्टी और अन्य खनिजों का परिवहन कर रहे थे। जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 10 अप्रैल और 12 अप्रैल 2026 को जिले के विभिन्न इलाकों में की गई। कलेक्टर के निर्देश और उप संचालक खनिज के मार्गदर्शन में टीम ने चकरभाठा, रहंगी-बिल्हा, दगोरी, उमरिया, उड़गन, उड़नताल, खपरी, कोहरौदा, बर्तोरी, सेलर, पिपरा और खैरा जैसे क्षेत्रों में व्यापक जांच अभियान चलाया।
जांच के दौरान उड़नताल क्षेत्र में अवैध रूप से रेत परिवहन करते हुए 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा गया। वहीं उमरिया क्षेत्र में बिना वैध अनुमति के ईंट-मिट्टी का परिवहन करते 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए गए। इसी तरह खैरा क्षेत्र में मुरुम का अवैध परिवहन करते एक हाइवा वाहन को कब्जे में लिया गया। इसके अलावा अशोक नगर क्षेत्र में गिट्टी का अवैध परिवहन करते एक अन्य हाइवा वाहन को भी पकड़ा गया। पिपरा क्षेत्र में भी रेत का अवैध परिवहन करते 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया। इस प्रकार कुल 8 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बिल्हा और कोनी थाना पुलिस की अभिरक्षा में रखा गया है। खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस प्रकार की कार्रवाई का उद्देश्य खनिज संसाधनों की अवैध निकासी को रोकना।
सरकारी राजस्व की हानि को नियंत्रित करना है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना वैध अनुमति के खनिजों का उत्खनन, परिवहन और भंडारण पूरी तरह से प्रतिबंधित है और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा आगे भी इसी तरह के सघन अभियान चलाए जाने की बात कही गई है। स्थानीय स्तर पर यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती का संकेत मानी जा रही है। लंबे समय से जिले में अवैध खनिज परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं, जिस पर अब प्रभावी कार्रवाई शुरू की गई है। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध खनिज उत्खनन या परिवहन की जानकारी मिले तो इसकी सूचना संबंधित विभाग या पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। इस अभियान से स्पष्ट है कि जिला प्रशासन खनिज माफियाओं के खिलाफ कठोर रुख अपनाते हुए अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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