जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में सरकारी योजना की देरी ने हिंसक रूप ले लिया। बस्तर जिला के तोकापाल ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत मंडवा में प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्य में देरी से नाराज एक हितग्राही ने ग्राम रोजगार सहायक पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे पंचायत कार्यालय में कार्यरत ग्राम रोजगार सहायक जगदीश कश्यप योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। इसी दौरान आवास योजना के हितग्राही सुखराम हथियार लेकर पंचायत परिसर में घुस आया और बिना किसी पूर्व चेतावनी के उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई।
हमले में रोजगार सहायक के सिर, कमर और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायल को डिमरापाल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर है, लेकिन उन्हें गहरी चोटें आई हैं और चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी हितग्राही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपने मकान निर्माण में हो रही देरी को लेकर नाराज था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार योजना की समयसीमा और भुगतान प्रक्रिया को लेकर विवाद चल रहा था। हालांकि पुलिस का कहना है कि घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। सूचना मिलते ही कोड़ेनार थाना की पुलिस मौके पर पहुंची।
आरोपी की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना कई सवाल खड़े करती है कि क्या योजनाओं की सख्त समयसीमा और जमीनी स्तर पर संचार की कमी से तनाव बढ़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को योजनाओं की प्रक्रिया और समय-सीमा की पर्याप्त जानकारी न मिल पाने से गलतफहमियां पैदा हो रही हैं। प्रशासन ने अपील की है कि किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत होने पर लोग संबंधित अधिकारियों से संवाद करें और कानून हाथ में न लें। घटना के बाद पंचायत कर्मचारियों में भी असुरक्षा की भावना देखी जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि घायल कर्मचारी को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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