सांकरा। दुर्ग। अम्लेश्वर। सांकरा में करोड़ो की लागत से बना ऑक्सीजोन अब कबाड़खाने में तब्दील होने लगा है। ना तो रख रखाव है, ना इसकी देखभाल हो रही है। जगह जगह टूट फूट साफ नजर आ रहा है आने वाला में अब सिर्फ एक दुक्के ही लोग होते है। शासन ने करोड़ों रुपया खर्च कर अम्लेश्वर से पाटन जाने वाले मार्ग में ऑक्सीजोन का निर्माण किया था । जो अम्लेश्वर से लगभग 5 से 6 किलो मीटर की दूरी पर है। सबसे बड़ी बात उसके ठीक सामने महात्मा गांधी वानिकी और उद्यान की विश्वविद्यालय लगभग तैयार हो रहा है। लेकिन सांकरा का ऑक्सीजन इस के अंतर्गत नहीं आता वह उनके अधिकार में नहीं है। सवाल उठता है आखिर इसकी देखभाल और रख रखाव का काम कौन कर रहा है।
विडंबना यहां है कि राज्य का गौरव महात्मा गांधी वानिकी और उद्यानिकी महाविद्यालय यहीं पर है ठीक इसके पास इसके बावजूद सांकरा का ऑक्सीजन जहां पर हरियाली होनी थी वह खुद अंतिम सांस ले रहा है। सारे पर हरियाली की जगह बदहाली दिखाई पड़ रही है।
टूटी फूटी है पाइप लाइन
ऑक्सी जोन में हजारों की संख्या में सरकार ने पेड़ लगाए ताकि हरियाली बनी रहे, लेकिन लगाने के बाद इसके देख भाल का कोई इंतजाम नही किया गया। हालाकि शुरू के कुछ साल में देख देख हुआ। लेकिन आज हर जगह पाइप लाइन टूटी हुई है ऐसे में पेड़ो को पानी नही मिल पा रहा हरियाली होनी थी लेकिन पेड़ सूख रहे है।
इस्प्रिंक्ल बिखरे
आसानी से देखा जा सकता है की लाखो की लागत से लिए इस्प्रिंलर पाइप कटे और बिखेर पड़े है कई टुकड़ों में तब्दील हो रहे है। इसे पेड़ो से बांधा गया है।
जानवरों का चारागाह
आसपास का जानवरो के लिए सांकरा का ऑक्सीजोन चारागहा बन चुका है पेड़ के पत्ते और बचे हुए घास फूस का खाकर स्वच्छ विचरण कर रहे है।
पेवर ब्लॉक उखड़े
ऑक्सीजोन के कई स्थानों में आने जाने वाले पर्यटकों के लिए पेवार ब्लॉक लगाए गए लेकिन आज इनकी स्तिथि जर्जर हो चुकी है कई कार्नर से उखड़ गए है।
सीमेंट पोल गायब
चारो ओर इसके सीमेंट पोल से ऑक्सीजोन के एरिया को कवर किया गया था अब आलम यह है कई जगहों से सीमेंट के पोल गायब है या वही पर गिरकर टूट गए है।
शराब की बोतल और प्रेमी प्रेमिकाओं का अड्डा
यहां पर किसी प्रकार का कोई गार्ड,चपरासी या विभाग का आदमी नहीं है इसलिए अब यह असामाजिक तत्वों के हाथ लग रहा है यहां पर कई स्थान पर शराब की बोतल, डिस्पोजल दिखाई पड़ रहे हैं। आए दिन यहां पर प्रेमी प्रेमिकाओं का जोड़ा भी दिखाई पड़ रहा है।
अवैध कब्जा का खतरा
सांकरा का ऑक्सीजन क्योंकि रोड से लगा हुआ और काफी लंबा है इसलिए आसपास अवैध कब्ज़ा का भी खतरा मंडरा रहा है।
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